सहारनपुर। नवनिर्मित नेशनल हाईवे 344 पर दो जगह टोल टैक्स वसूला जा रहा है, मगर सुविधाओं के बजाय परेशानियां दी जा रही हैं। इस हाईवे के तहत बनाए गए सहारनपुर बाईपास पर जहां कई जगह सड़क में दरारें पड़ रही हैं तो लाखनौर से नन्दी फिरोजपुर के पुल तक एक साइड का मार्ग करीब 10 दिन से बंद पड़ा है। वहां मरम्मत के नाम पर जगह-जगह मिट्टी डाल दी गई है।
इसके अलावा लाखनौर की तरफ उतरने वाले मार्ग पर गहरे गड्ढे तक हो गए हैं, जिनकी वजह से कभी भी हादसा हो सकता है। क्योंकि अंबाला की तरफ से मुजफ्फरनगर और मेरठ की तरफ निकलने वाले वाहन इसी मार्ग से उतरते हैं। वहीं, बाईपास पर लाखनौर से सरसावा की तरफ आधा किलोमीटर चलते ही सामने मिट्टी की ढांग बनी है, जिस पर डायवर्जन का बोर्ड तो लगाया गया है, लेकिन उसके बाद आगे भी कई जगह मिट्टी डालकर पानी भर दिया गया है।
---- सितंबर में शुरू हुआ था बाईपास
अंबाला-देहरादून नेशनल हाईवे पर सरसावा से गागलहेड़ी तक सहारनपुर बाईपास बनाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निर्माण कराया है। सितंबर 2020 में यहां वाहनों की आवाजाही शुरू हुई थी। इसके बाद ही अंबाला रोड पर शाहजहांपुर के पास और देहरादून रोड पर चमारीखेड़ा के पास टोल टैक्स भी शुरू हो चुके हैं।
1184 करोड़ रुपये है प्रोजेक्ट लागत
निर्माण, परिचालन, हस्तांतरण (बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर बीओटी) पर आधारित करीब 43 किलोमीटर लंबाई के मार्ग का निर्माण हुआ, जिसको हाईवे 344 का नाम दिया गया। निर्माण कार्य 2018 में शुरू हुआ था। करीब 1184 करोड़ रुपये लागत वाले इस प्रोजेक्ट में 17 अंडरपास, तीन बड़े पुल, दो फ्लाईओवर बनाए गए हैं।
---- वर्जन
कंक्रीट की सड़क बनाने में पानी से तराई की जरूरत होती है, लाखनौर के पास कुछ हिस्से के निर्माण में जमीन अधिग्रहण का मुद्दा था। इसी कारण वह कार्य अब पूर्ण हो रहा है। अगले तीन दिन में सड़क के उस हिस्से को खोल दिया जाएगा। -- प्रदीप गोसाईं, प्रोजेक्ट मैनेजर, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण