-- अलग-अलग मामलों में एक दरोगा सहित छह सिपाही निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। अलग-अलग मामलों में एसएसपी ने एक दरोगा सहित छह पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है। जिन पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है वो एक दवा कारोबारी को अवैध रूप से हिरासत में रखकर प्रतिबंधित दवाएं बेचने की धमकी देकर दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे। वहीं, दरोगा ने झगड़े के मामले में लापरवाही बरती है।
एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि देेहात कोतवाली में तैनात सिपाही अनुज कुमार, वतन कुमार, आबिद, विजय कुमार, नगर कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल नीरज त्यागी ने कोतवाली मंडी क्षेत्र के जवाहर पार्क स्थित मेडिकल स्टोर स्वामी मोहम्मद सगीर को हिरासत में लिया। मोहम्मद सगीर को इन सभी पुलिस कर्मियों ने एक स्थान पर रखकर दो लाख रुपये की मांग की। सिपाहियों ने प्रतिबंधित दवाएं बेचने के झूठे मामले में जेल भेजने की धमकी देकर भयभीत किया। दवा कारोबारी से सिपाहियों ने डर दिखाकर 42 हजार रुपये वसूल भी लिए थे। इसी दौरान कोतवाली मंडी प्रभारी अवनीश गौतम से मामले की शिकायत की गई। इसके बाद इंस्पेक्टर ने उच्चाधिकारियों को जानकारी देकर मौके पर जाकर देखा तो दवा कारोबारी को अवैध रूप से हिरासत में रखा हुआ था। इंस्पेक्टर अवनीश गौतम ने पूरे मामले की रिपोर्ट एसएसपी आकाश तोमर को सौंप दी, जिसके बाद एसएसपी ने पांचों पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस मामले की जांच एसएसपी ने एसपी सिटी राजेश कुमार की निगरानी में एएसपी प्रीति यादव को सौंपी है।
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झगड़े में नहीं लिया था संज्ञान, दरोगा निलंबित
नानौता क्षेत्र में हुए झगड़े के मामले में एसएसपी ने दरोगा को भी निलंबित कर दिया है। एसएसपी ने बताया कि होली के दिन नानौता क्षेत्र के गांव ढाकादेई में एक झगड़ा हो गया था, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। नानौता थाना प्रभारी ने दरोगा राजबहादुर राठी को मौके पर जाने के निर्देश दिए, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे झगड़ा बढ़ गया। जिसमें एक युवक की मौत हो गई। इस मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी गई थी। जांच के बाद दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है।