सहारनपुर। जिले में होने वाले दो बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों ने विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ा दिया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का दो सितंबर का दौरा और रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी की तीन सितंबर को रामपुर मनिहारान में जनसभा प्रस्तावित है।
अब राजनीतिक गलियारों में इन कार्यक्रमों के संभावित असर को लेकर मंथन शुरू हो गया है। खासतौर पर जयंत चौधरी की रामपुर मनिहारान में जनसभा को आने वाले चुनाव में रालोद की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, अखिल भारतीय गुर्जर विद्या प्रचारिणी सभा ने जयंत चौधरी को निमंत्रण दिया था। उनके बुलावे पर जयंत चौधरी यहां पर आ रहे हैं। रामपुर मनिहारान के गोचर महाविद्यालय में यह जनसभा होगी। अधिक से अधिक भीड़ जुटाने के लिए रालोद पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिन-रात प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
यह जनसभा इसलिए अहम मानी जा रही है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जयंत चौधरी को लंबे समय से जाट राजनीति के प्रमुख चेहरों में गिना जाता है, लेकिन इस जनसभा से कहीं न कहीं गुर्जर समाज को साधने की भी कोशिश रहेगी। रामपुर मनिहारान क्षेत्र में गुर्जर मतदाताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
जनसभा को रालोद के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक तौर पर यह रालोद के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि यदि पार्टी रामपुर मनिहारान सीट पर मजबूत दावेदारी करती है तो गठबंधन की स्थिति में सीटों के बंटवारे के दौरान यह सीट महत्वपूर्ण हो सकती है।