मालगाड़ी से टकराकर दो गायों की मौत, एक गंभीर
नानौता (सहारनपुर)। दिल्ली-सहारनपुर रेलमार्ग पर मंगलवार सुबह मालगाड़ी की चपेट में गायों का एक झुंड आ गया। इसके चलते दो गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल गाय को पशु चिकित्सालय भिजवाया गया, जबकि मृत गायों को दफना दिया गया। वहीं पहियों में गोवंश के अवशेष फंसने पर ट्रेन भी रोकनी पड़ी। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में ही सड़कों पर घूम रहे आवारा गोवंशों का समाचार प्रकाशित किया था। अगर अधिकारियों ने ध्यान देकर इन पशुओं को गोशाला भिजवाया होता, तो शायद दो गायों की जान न जाती।
मंगलवार सुबह करीब छह बजे दिल्ली से पेट्रोल लेकर नजीबाबाद जाने वाली मालगाड़ी जैसे ही नानौता के देवबंद रोड स्थित रेलवे फाटक संख्या- स्पेशल 117 से आगे सहारनपुर की ओर पहुंची थी। तभी अचानक गोवंश का झुंड रेलवे पटरी को पार करते समय ट्रेन की चपेट में आ गया। तीन गाय गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों की सूचना पर थाना पुलिस पहुंची, लेकिन तब तक दो गायों की मौत हो चुकी थी। तीसरी गाय को गंभीर हालत में नानौता स्थित पशु चिकित्सालय भेजा गया। स्थानीय लोगों व पुलिस ने मृत गायों को जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर नमक डालकर दफना दिया।
मुख्यमंत्री के आदेश हुए दरकिनार
नानौता नगर और क्षेत्र में बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों व रेलवे स्टेशन के आसपास घूमते रहते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया था कि सड़क या क्षेत्र में आवारा गोवंश घूमते पाए गए तो इसके लिए जिले के बड़े अधिकारी जिम्मेदार होंगे। सरकार ने पूरे सूबे में आवारा पशुओं के लिए गोशालाएं खोली हैं, इसके बावजूद नानौता नगर की सड़कों पर आवारा गोवंश घूमते रहते हैं। इस समाचार को अमर उजाला ने अपने 26 नवंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था, लेकिन जिम्मेदारों की आंखें नहीं खुली और आज दो गोवंश की मौत हो गई।
22 मिनट खड़ी रही ट्रेन
वहीं मालगाड़ी के पहियों में गोवंश के अवशेष फंस गए, इस कारण ट्रेन करीब 22 मिनट तक खड़ी रही। किसी तरह ट्रेन के चालक, गार्ड और यात्रियों ने गोवंश को ट्रैक से हटाया, तब जाकर ट्रेन आगे बढ़ी। स्टेशन मास्टर तरुण कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम 6 बजकर 25 मिनट पर यह हादसा हुआ है।