मुजफ्फरनगर। बिना लाइसेंस के आयुर्वेदिक शक्तिवर्धक दवाओं का व्यापार करने वाले दो युवकों को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी फुरकान इमरान कॉलोनी में किराए पर मकान लेकर यह व्यापार आरएमडी हर्बल कंपनी के नाम से कर रहा था। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक वस्तुओं के अलावा आयुर्वेदिक शक्तिवर्धक दवाई भी बरामद की। लाखों का माल, एक लैपटॉप व कंप्यूटर सिस्टम बरामद हुआ है।
एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने जानकारी दी कि थाना सिविल लाइन पुलिस को सूचना मिली थी कि इमरान कॉलोनी में पुराने निजामुद्दीन हॉस्पिटल वाली गली में बिना लाइसेंस के आयुर्वेदिक शक्तिवर्धक दवाइयों का कच्चा माल खरीदकर बिना किसी एजेंसी के प्रमाण पत्र के निर्माण किया जा रहा है। दवाइयों पर स्वयं की मैन्युफैक्चरिंग का फर्जी लोगो लगाकर वास्तविक बिक्री की जा रही है।
खुलेआम अपनी दवाइयों का प्रचार-प्रसार करके उसके बहाने महिला व पुरुषों के लिए आपत्तिजनक वस्तुओं का ऑनलाइन प्रचार-प्रसार कर नियमों का उल्लंघन का क्रय-विक्रय किया जा रहा है। आपत्तिजनक वस्तुएं बच्चों को भी बेची जाती है।
सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने दबिश दी तो मोहल्ला रामपुर निवासी मोहम्मद फुरकान हाल पता इमरान कॉलोनी व लोनी गाजियाबाद के मूल निवासी वर्तमान में इमरान कॉलोनी में रहने वाले शाहिद को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने मौके से रैपर, लाखों रुपये की कामोत्तेजक वस्तुओं के अलावा दवाई मिली है। दोनों ने पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह दोनों बाजार से कच्चा माल लाकर अपने घर पर शक्तिवर्धक दवाइयां व माजून बनाते हैं।
दवाइयों व माजून को डिब्बे व डिब्बियों में रखकर उन पर फर्जी लेबल बनवाकर बड़ी आयुर्वेदिक कंपनी का बताकर ऊंची कीमत पर बेचने का काम करते थे। इसके अलावा वह शक्तिवर्धक वस्तुओं को भी अनधिकृत रूप से बेचते है।
इन्हें वह सस्ते दामों में मंगाकर ऊंचे दामों पर बेचते है। उससे उन्हें काफी मुनाफा हो जाता है। आयुर्वेदिक दवाइयां बेचने व बनाने के लिए कोई डिग्री व लाइसेंस नहीं है। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया है।
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आरोपी ऑनलाइन कर रहे थे प्रचार
धंधे को बढ़ाने के लिए आरोपियों ने यूट्यूब और व्हाट्सएप के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर ऑनलाइन माल बेचने का काम किया। ऑर्डर व्हाट्सएप व ऑनलाइन प्राप्त करते थे । फुरकान यहां पर डेढ़ साल से काम कर रहा था। शाहिद उसके पास बिल बनाने, माल भेजने का काम छह माह से कर रहा था।