सहारनपुर। पिछले कुछ वर्षों में लोगों में अपना घर, कार, शिक्षा और स्वरोजगार की इच्छा बढ़ी है। इसके लिए लोग बचत तो कर ही रहे हैं, इसके साथ ही बैंकों से भी कर्ज ले रहे हैं, जिस वजह से कर्ज का आंकड़ा बढ़ा है। इसी का नतीजा है कि पिछले तीन वर्षों के अंदर जिले में सीडी रेशो में पांच फीसदी की वृद्धि हुई है।
डिजिटलाइजेशन का सबसे अधिक फायदा बैंकिंग सेक्टर को हुआ है। इससे लोगों को कागजी कार्रवाई से छुटकारा मिला है। लोगों को पैसे जमा और निकालने के लिए बैंक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। बैंकों से मिलने वाले कर्जों की शर्तों में भी कुछ नरमी आई है। इसके चलते जिले के सीडी (क्रेडिट, डिपॉजिट) रेशियो में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वित्त वर्ष में जिले का सीडी रेशियो 3.06 फीसदी बढ़ा है। बैंकों से कर्ज लेने में रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट दर में की गई कटौती भी एक कारण है।
- यह है सीडी रेशियो
बैंकों द्वारा जुटाई गई राशि और दिए गए कर्ज के अनुपात को सीडी रेशियो कहते हैं। सीडी रेशो का राष्ट्रीय लक्ष्य 60 फीसदी रखा गया है। इसका मतलब है कि बैंक वर्षभर में अपने यहां जमा हुई राशि की 60 फीसदी कर्ज के रूप में देनी होगी। जिले का वित्त वर्ष 2024-25 का सीडी रेशो 70.85 फीसदी है।
- यह रहा पिछले तीन वर्षों का सीडी रेशियो
वित्त वर्ष 2021-22 में जिले का सीडी रेशियो 65.84 फीसदी था। वित्त वर्ष 2022-23 में घटकर यह 62.48 फीसदी रह गया। इसके बाद 2023-24 वित्त वर्ष में 67.79 फीसदी रहा।
- वित्त वर्ष 2024-25 में जमा हुए 24 हजार करोड़ से अधिक
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान बैंकों में 24370.85 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। बैंकों ने 70.85 सीडी रेशो के हिसाब से विभिन्न क्षेत्रों में 17265.85 करोड़ रुपये का ऋण दिया है। जिले में विभिन्न बैंकों की करीब 370 शाखाएं हैं।
- इन क्षेत्रों में लिया ऋण
सेक्टरसंख्या-राशी
शिक्षा162-41 करोड़ रुपये
हाउसिंग7388-1507 करोड़ रुपये
पर्सनल402201032 करोड़ रुपये
अन्य3316 करोड़ रुपये
पिछले तीन वर्षों में जिले में सीडी रेशियो में बढ़ोतरी हुई है। बैंक ऋण-जमा अनुपात के हिसाब से ऋण उपलब्ध करा रहे हैं। घर और पर्सनल लोन की मांग अधिक है।
- कृशनु दास, लीड बैंक मैनेजर।