-मंडल में एक सप्ताह के अंदर फुंक गए 280 ट्रांसफार्मर
-गर्मी में एसी, कूलर, नलकूप चलने से बढ़ा कई गुना लोड
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। भीषण गर्मी में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। गर्मी में एसी, कूलर और नलकूप चलने से ट्रांसफार्मरों पर कई गुना लोड बढ़ गया। ओवरलोडिंग के कारण पिछले एक सप्ताह में करीब 280 ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं। ट्रांसफार्मर भले ही 24 और 48 घंटे में उपभोक्ता तक पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन उपभोक्ता को ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग के कागज बनवाने के लिए बिजलीघरों पर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिसमें कई-कई दिन तक आपूर्ति ठप होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली खपत भी बढ़ रही है। बिजली का लोड बढ़ने से गर्मी में ट्रांसफार्मर फुंकने का सिलसिला भी बढ़ा है। गर्मी में फसलों की अधिक सिंचाई में नलकूप चलने से बिजली की खपत ज्यादा होने पर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रहे हैं। इसका बड़ा कारण यह भी है कि आबादी व नलकूपों पर ट्रांसफार्मर की क्षमता से अधिक कनेक्शन देना। वर्तमान में नलकूपों के ट्रांसफार्मर फुंकने की संख्या ज्यादा है।
25 केवीए के एक ट्रांसफार्मर पर 40 केवीए तक का लोड चल रहा है। वर्कशॉप के आंकड़ों पर नजर डालें तो सहारनपुर में रोज 20, मुजफ्फरनगर में 15 और शामली में पांच ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 25 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर हैं। ओवरलोडिंग में उपभोक्ताओं को शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है। शहर से लेकर गांव तक जमकर बिजली कटौती हो रही है। शहर में ट्रिपिंग की समस्या आम हो गई है, जबकि गांवों में छह से सात घंटे तक बिजली नहीं आ रही। भीषण गर्मी में बिना बिजली के लोग परेशान हैं। यहीं नहीं बिजली के कंट्रोल रूम में भी शिकायतें दिनोंदिन बढ़ रही है।
गर्मी में ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर फुंकने का कारण ज्यादा रहता है। मंडल के तीनों जिलों में एक दिन में औसतन 40 ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। इनमें 25 केवीए के ट्रांसफार्मरों की संख्या अधिक है। जैसे ही उन पर रिपेयरिंग के कागज आ जाते हैं, वैसे ही ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे के अंदर उपभोक्ता तक नया ट्रांसफार्मर पहुंचा दिया जाता है। - अभिषेक सिंह, अधिशासी अभियंता, वर्कशॉप, विद्युत निगम