छड़ी लेकर अखाड़े के लिये गये एक युवक को मोबाइल फोन पर बात करते हुए रेलवे लाइन पार करना भारी पड़ गया। फोन करते समय उसके ध्यान न दे पाने के कारण शालीमार एक्सप्रेस की चपेट में आ गया।
जख्मी हालत में जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के उसका अंतिम संस्कार करा दिया।
थाना देहात कोतवाली के शाकंभरी बिहार का निवासी 34 वर्षीय बबलू पुत्र सुंदर लाल शेर सिंह की छड़ी पर काम करता था। उसके साथी कॉलोनी के ही सुभाष के मुताबिक शुक्रवार की रात वह पेपर मिल रोड पर छड़ी के अखाड़े में गये थे। इसी दौरान बबलू के मोबाइल की घंटी बजी और वह बात करते हुए पेपर मिल फाटक की ओर से रेल लाइन पार करने लगा, उस समय फाटक बंद था।
अचानक ही दिल्ली की ओर से शालीमार एक्सप्रेस वहां पहुंच गई और इंजन से टकरा कर बबलू उछल कर दूर जा गिरा। उसे गंभीर चोटें आई थीं। देर रात सुभाष और अन्य साथी जब तक उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तब तक बबलू की मौत हो चुकी थी।
युवक के शव को जब मोर्चरी में रखने की कोशिश की गई तो परिजनों ने इससे इनकार कर दिया गया। उन्होंने बिना कोई कार्रवाई कराए ही शव ले जाकर शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया।