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ढमोला नदी में वेटलैंड के निर्माण से पर्यटन को मिलेगा मुकाम

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ढमोला नदी पर काम करती निगम की जेसीबी - फोटो : SAHARANPUR
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ढमोला नदी में वेटलैंड के निर्माण से पर्यटन को मिलेगा मुकाम
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सहारनपुर। ढमोला नदी को साफ और सुंदर बनाने की कवायद जारी है। नदी के बीचोबीच बनाए जा रहे अस्थायी वेटलैंड से इस क्षेत्र में पर्यटन को मुकाम हासिल होने की उम्मीद है। इसके लिए बेस तैयार किए जा रहे हैं। पहले चरण में सबसे दूषित क्रेजी नाले के पानी की ट्रीटमेंट शुरू की गई है।
नगर निगम ढमोला और पांवधोई नदी के पुनरुद्घार के लिए करीब छह माह से जी जान से जुटा है। इसके लिए ढमोला-पांवधोई पुनरुद्घार समिति बनाई गई है। एक जून को नगरायुक्त ने समिति सदस्यों के साथ बैठक की थी। दोनों नदियों के किनारों पर तितली पार्क व अन्य स्थानीय जीव जंतुओं के संरक्षण के लिए पेड़ पौधे लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि इस मामले में अब काम शुरू हुआ है। निगम के पर्यावरण अनुश्रवण विभाग के पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ ने बताया कि ढमोला नदी में क्रेजी नाले के पानी को ट्रीट कर दो रेमिडिएशन साइट बनाई गई हैं, जहां ऑक्सीजन देने वाले बैक्टीरिया नाले में डाले जा रहे हैं। जिससे की नाले में प्रदूषण का भार कम हो सके। नाला जिस जगह पर ढमोला नदी में गिर रहा है वहां मिट्टी का बड़ा बेस बनाया जा रहा है। ताकि नाले के पानी का डायवर्जन किया जा सके। इसके अलावा बेस पर पौधे लगाकर वेटलैंड की सुंदरता में चार चांद लगाने की तैयारी है। यह वेटलैंड अस्थायी होगा। बरसात के दिनों में ढमोला नदी के ऊफान पर आने के बाद वेटलैंड को नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि बेस के लिए ऐसी तैयारी की जा रही है कि उसे बरसात में कम से कम नुकसान सके।
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नदी की सफाई की विधि
क्रेजी नाले के पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए एक्वरएटीन नैनो टेक्नोलॉजी अपनाई जा रही है। नाले में ऑक्सीजन देने वाले बैक्टिरिया और एनजाइंस डाले जा रहे हैं, जहां पर नाला ढमोला नदी में गिर रहा है। वहां पर नियमित रूप से कैमिकल का स्प्रे कर ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने की योजना है।
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जल निगम बनाएग पंपिंग स्टेशन
ढमोला नदी में जिस जगह पर वेटलैंड बनाया जा रहा है। वहीं पर जल निगम की भविष्य में पंपिंग स्टेशन बनाने की योजना है। यहां से दूषित पानी को पंप के जरिए एसटीपी तक पहुंचाया जाया करेगा, जिसके बाद पानी ट्रीट होकर ढमोला में छोड़ा जाया करेगा।
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------ वर्जन
नदियों को लेकर एनजीटी की ओर से दिशा निर्देश हैं। चूंकि पांवधोई और ढमोला नदी शहर के बीच से गुजरती हैं। ऐसे में इनको साफ और सुंदर बनाने के लिए अभियान के तौर पर लिया गया है। कुछ माह में नदियों में काफी सुधार नजर आएगा। -- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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