गंगोह। नगर और देहात क्षेत्र में छठें नवरात्र पर माता के कात्यायनी स्वरूप की आराधना की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मन्नतें मांगीं। देर रात तक मंदिर माता के जयकारों और घंटे, घडि़यालों की आवाजों से गुंजायमान रहे।
श्री माता वैष्णों देवी धाम गुफा वाले मंदिर में 251 दीपों से माता की महाआरती की गई। सुशील पाहूजा, शंकर पाहवा, मुरारी बजाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पैठ बाजार स्थित मंदिर में पंडित सूर्यकांत शर्मा ने भक्तों को माता के कात्यायनी स्वरूप के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि माता का यह स्वरूप बहुत ही करुणामयी है। माता ने यह स्वरूप अपने भक्त की तपस्या को सफल बनाने के लिए धारण किया था।
महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनकी पुत्री के रूप में जन्म लेने का वरदान दिया था। अपने दिए वरदान के कारण देवी ने कात्यायन के यहां जन्म लिया और देवी कात्यायनी कहलाई। श्री बालाजी धाम, श्री भगवती मंदिर, नव दुर्गा मंदिर, मोहल्ला ईशरा स्थित प्राचीन श्री शिव दुर्गा भुवनेश्वरी देवी पंचायती मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ रही।