सहारनपुर के देवबंद में दारुल उलूम रोड पर एक जर्जर भवन भरभरा कर गिर गया और उसके मलबे में सड़क से गुजर रहे मणिपुर निवासी मदरसा छात्र समेत छह लोग दब गए।
लोगों ने मलबे में दबे लोगों को निकालकर सरकारी और निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें एक मदरसा छात्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई।
गुस्साए लोगों ने घटनास्थल पर मोबाइल से वीडियो बना रहे लोगों पर पथराव भी किया। इसमें भी कई लोग घायल हो गए। लोगों ने सरकारी अस्पताल और घटनास्थल पर हंगामा भी किया।
हादसा दारुल उलूम रोड स्थित मदनी मस्जिद के सामने शनिवार रात करीब 11 बजे हुआ। मलबे में दबे छह राहगीरों में से तीन मोहल्ला टपरी निवासी असद (32), लईक (25) और मणिपुर निवासी मदरसा छात्र ओसामा (21) की उपचार के दौरान मौत हो गई।
गंभीर रूप से घायल मोहल्ला खानकाह निवासी अनस, मोहल्ला टपरी निवासी जावेद और जिल्लू को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मदरसा छात्र ओसामा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया जबकि अन्य दो के शवों को पुलिस ने पंचनामा भरकर घरवालों को सौंप दिया।
ओसामा हैदराबाद के किसी मदरसे में पढ़ रहा था। वह बकरीद की छुट्टी में देवबंद मदरसे में पढ़ रहे अपने भाई के पास आया हुआ था। जिस मकान के गिरने के यह हादसा हुआ वह दारुल उलूम में मुफ्ती-ए-आजम रहे स्वर्गीय मुफ्ती अहमद सईद का है।
इसमें उनका नवासा बदर आलम परिवार के साथ रह रहा है। सड़क की ओर खड़ी दीवार पिछले लंबे समय से जर्जर हालत में थी। बरसात में जलभराव होने से दीवार लगातार कमजोर हो गई थी।
मलबा गिरने से पास में गुल सन्नवर के होटल, हारुन गेस्ट हाउस, खालिद की टॉपी की दुकान समेत चार प्रतिष्ठानों के भवन भी क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद वहां जमा भीड़ ने मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया।
काफी देर बाद पुलिस टीम, एसडीएम रामविलास यादव और सीओ सिद्धार्थ पहुंचे। अफसरों ने जेसीबी की मदद से मलबे को हटवाने का काम शुरू किया। एसडीएम ने बताया कि हादसे के बाद सड़क से मलबा हटवाने का काम शुरू किया गया।
रविवार सुबह तक रास्ता साफ करा दिया गया। उनका कहना था कि हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।