अंबेहटा। रणदेवा गांव निवासी खनिज ठेकेदार सुंदर की संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाने के बाद हुई मौत के मामले में तीन दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है। मृतक के परिजनों ने पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया है।
रविवार को दोपहर दो बजे के आसपास सुंदर ने अपने बेटे मधु के फोन पर ऑडियो मैसेज भेजकर दो लोगों का नाम लेकर बताया था कि उन्होंने उसकी तरफ करीब डेढ़ लाख रुपये निकाल दिए हैं और अब वे उसे जबरन जहर पिला रहे हैं। इसके बाद सुंदर भैरमऊ गांव के रास्ते पर बेसुध पड़ा मिला था। रविवार शाम को सुंदर की राजकीय मेडिकल काॅलेज पिलखनी में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मृतक के बेटे चंद्रपाल ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।
परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद सुंदर के शव को नकुड़ कोतवाली के बाहर रखकर हंगामा भी किया था। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया था। इसके बाद परिजनों ने शव को गांव ले जा कर अंतिम संस्कार कर दिया था। परिजनों का आरोप है कि तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस मामले में लीपापोती का प्रयास कर रही है। उनके पिता ने मरने से पहले पुलिस को आरोपियों के खिलाफ बयान भी दिया था। इसके बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है।
उधर, जांच अधिकारी देवेश कुमार शर्मा का कहना है कि तहरीर में नामजद किए गए लोगों की भूमिका की जानकारी की जा रही है। यदि वह इसमें शामिल पाए जाते हैं तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।