सरसावा। तहसीलदार की गाड़ी पर लाठी डंडे बरसा पुलिस से अवैध रेत खनन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली छीन कर ले जाने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर की बात पुलिस दस दिन बाद उनकी पहचान तक नहीं कर सकी है। अभी पुलिस अंधेरे में ही हाथ पैर मार रही है।
बता दें कि दस अगस्त को अवैध खनन की शिकायत पर तहसीलदार नकुड़ राधेश्याम ने क्षेत्र के ग्राम कुतुबपुर में यमुना किनारे छापा मार कर मौके पर अवैध रेत खनन होते हुए पकड़ा था। छापा लगते देख खनन माफिया रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर मौके से भाग निकले थे। इसके बाद तहसीलदार शाहजहांपुर चौकी के पुलिसकर्मियों को रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली सौंप लौटने लगे तो ग्राम हुसैनपुर के समीप 20-25 लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। हमलावरों ने लाठी-डंडे गाड़ी पर बरसा कर तहसीलदार की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया था। इसके बाद हमलावरों ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिस से छीन ली थी और आराम से फरार हो गए थे। इस प्रकरण में तहसीलदार ने सरसावा थाने में अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हैरत की बात है कि दस दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस हमलावरों की पहचान तक नहीं कर सकी है। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी बड़ा सवाल है। उधर, इस संबंध में मामले के जांच अधिकारी शाहजहांपुर पुलिस चौकी इंचार्ज दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। आरोपियों के नाम प्रकाश में आने के उपरांत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।