इस बार विदेशियों कम ही चख पाए भारतीय आम का स्वाद
सहारनपुर। जनपद से होने वाला आम का निर्यात इस वर्ष घट गया है। गत वर्ष जहां जिले से 2861.1 क्विंटल आम का निर्यात हुआ है, वहीं इस बार यह आंकड़ा मात्र 548.05 क्विंटल तक ही पहुंच सका है। गत वर्ष से इस बार 2313.05 क्विंटल आम का कम निर्यात हुआ है। इसकी बड़ी वजह हवाई भाड़ा में वृद्धि और आम के कम उत्पादन को माना जा रहा है।
मंडी समिति स्थित मैंगो पैक हाउस में निर्यात किए जाने वाले आम की प्रोसेसिंग की जाती है। दुनिया के अनेक देशों में जनपद के आम की काफी मांग है। जनपद से प्रतिवर्ष खासी मात्रा में आम का निर्यात होता है, लेकिन इस बार आम के निर्यात में काफी कमी आई है। नेपाल को छोड़कर अधिकांश देशों को आम का निर्यात हवाई मार्ग से होता है। निर्यातकों के अनुसार हवाई भाड़ा बढ़ने का असर आम के निर्यात पर पड़ा है। निर्यातक तबजील अहमद ने बताया कि गत सीजन में लंदन के लिए आम का भाड़ा करीब 190 रुपये प्रति किलो था, वह इस बार बढ़कर लगभग 222 रुपये प्रति किलो हो गया है।
इससे विदेशों में आम की पहुंच महंगी हो गई है। इसके चलते आम का निर्यात प्रभावित हुआ है। गत वर्ष जहां जनपद से करीब 2861.1 क्विंटल आम का निर्यात हुआ था। वहीं इस बार यह आंकड़ा मात्र 548.05 क्विंटल पर ही सिमट गया। गत वर्ष से इस बार 2313.05 क्विंटल आम का कम निर्यात हुआ है।
इस बार आम का निर्यात गत वर्ष की तुलना में 2313.05 क्विंटल कम हुआ है। इसकी बडी वजह हवाई किराए में बढोत्तरी होना है। दूसरे इस बार जनपद में आम का उत्पादन भी कम रहा है। इस बार मैंगो पैक हाउस से मात्र 548.05 क्विंटल आम का ही निर्यात हुआ है। - जगपाल सिंह पुंडीर, प्रभारी, मैंगो पैक हाउस एवं वरिष्ठ निरीक्षक
जनपद से आम के निर्यात की स्थिति (किलो में)
वर्ष निर्यात
2018 361595
2019 727895
2020 268001
2021 286110
2022 54805
नोट: मंडी समिति के आंकड़ों के अनुसार।