सहारनपुर। पानी छोड़ते ही रपटा और साइफन बह जाने की तकनीकी जांच अंतिम दौर में है। इसे लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों में खलबली है। लापरवाही मिलने पर उन पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। उधर, सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
सिंचाई विभाग ने करीब एक करोड़ रुपये की लागत से कुछ ही दिन पहले ढमोला नदी पर रपटा और साइफन बनाया था, जो पानी छोड़ते ही ध्वस्त हो गया। इसके बाद से रपटे और साइफन के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोग लगातार रपटा और साइफन बनाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि रपटे का स्तर ठीक नहीं था, जिसकी वजह से वह पानी का दबाव झेल नहीं सका। उधर, जिला प्रशासन ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कराई है। जांच समिति में एसडीएम सदर के अलावा दो अधिशासी अभियंता और एक अन्य अधिकारी है। जांच को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों में खलबली है, जो मामले में कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। चर्चा है कि तकनीकी खामी रही है, जिसमें संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होना तय है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच समिति गठित की गई है। समिति तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। रिपोर्ट जल्द आ जाएगी, जिसे जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें जो भी कार्रवाई होनी है वह जिलाधिकारी के स्तर से ही होगी।
- सुमित राजेश महाजन, मुख्य विकास अधिकारी