मां भगवती को भोग लगाने जाते महामंडलेश्वर यतींद्रानंद जी महाराज
शाकंभरी (सहारनपुर)। जूना अखाड़ा हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद महाराज ने सोमवार को सिद्वपीठ शाकंभरी देवी पहुंचकर माता को भोग अर्पित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातन धर्म जातियों में बंट रहा है जबकि हिंदू धर्म के किसी भी शास्त्र में जातियों का कोई जिक्र नहीं है। महाभारत या रामायण काल भी देखें तो उसमें भी पात्र के साथ जाति सूचक शब्द नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज जाति के कुचक्र में ना फंसे।
सिद्धपीठ स्थित शंकराचार्य आश्रम में महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद महाराज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत में मुगल शासन से पूर्व कहीं भी जातिसूचक शब्द नहीं है। जो स्वयं को जातियों से परिचित कराता है वह सनातन हिंदू धर्म के विपरीत बात करता है। हिंदू समाज, धर्म को बांटने के लिए मुगलों, अंग्रेजों, वामपंथियों एवं वर्तमान राजनीति ने समाज को जातियों में बांटने का षड्यंत्र रचा है। हिंदू समाज से अपील है कि इस कुचक्र में न फंसे।
उन्होंने कहा कि केंद्र में वर्तमान में भाजपा के नेतृत्व में नरेंद्र दामोदरदास मोदी की सरकार है। आजादी के बाद ही ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जो सनातन जीवन मूल्यों एवं भारतीय संस्कृति को जीवंत रूप में स्वयं तो जीते ही हैं और उस अनुसार देश की व्यवस्था को भी सुचारू रूप से चला रहे हैं। नए संसद भवन का उद्घाटन भी भारतीय संस्कृति के अनुरूप हुआ है। मोदी जी को भारत के समस्त साधु संतों का आशीर्वाद है और भविष्य में भी रहेगा जब तक साधु संतों का आशीर्वाद मोदी जी एवं भाजपा को रहेगा तब तक देश में भाजपा की सरकार रहेगी। उन्होंने कहा कि आज स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा को गाली दे रहे हैं, जबकि इससे पहले वे रामलला और रामचरितमानस की प्रशंसा करते थे। ऐसे नेताओं का कोई महत्व नहीं है।
शाकंभरी। महामंडलेश्वर यतींद्रानंद जी महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने विधिवत हवन, पूजन करने के बाद मां शाकंभरी को भोग अर्पित किए। इस दौरान भंडारा भी आयोजित किया गया। इस दौरान उनके साथ अखिल भारतीय संत संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं शंकराचार्य आश्रम प्रभारी संत सहजानंद जी महाराज, पूर्व राज्य मंत्री पंडित सुनील भारद्वाज भराला, रामकुमार सहरावत, अजय भराला, मोहन माहेश्वरी, ब्रजमोहन पुंडीर, राजकुमार छाबड़ा, दिनेश गुप्ता मरवा आदि रहे।