प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा
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जमीयत दावतुल मुस्लीन के संरक्षक कारी इस्हाक गोरा ने हेल्पलाइन के जरिए रोजेदारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि कोरोना के लक्षण दिखने पर रोजा कजा करने में हर्ज नहीं है। रमजान इंसान को जहां परहेजगार बनाता हैं, वहीं दूसरों की तकलीफों का अहसास भी कराता है। ताकि इंसान गरीब और बेसहारा लोगों के दुख-दर्द को करीब से महसूस कर उनकी सेवा कर सके।
सवाल:- मुजफ्फरनगर निवासी खालिद हसन ने पूछा कि अगर किसी व्यक्ति को रोजे के दौरान कोरोना के लक्षण महसूस हो रहे हों तो उसके लिए क्या हुक्म है।
जवाब:- यदि किसी व्यक्ति को कोरोना के लक्षण जाहिर हो और डाक्टर रोजा रखने को मना करे तो रोजा कजा करने में कोई हर्ज नहीं है। वह व्यक्ति ठीक होने पर छूटे रोजों की अदाएगी करेगा।
सवाल:- बेहट निवासी अब्दुल्ला ने पूछा कि मेरे परिवार में चार लोग हैं। क्या लॉकडाउन की वजह से घर में नमाज-ए-जमात हो सकती है।
जवाब:- जी हां, घर में नमाज-ए-जमात हो सकती है, लेकिन सोशल डिस्टेंस का पालन करें।
इन नंबरों कर सकते हैं शंका दूर
रोजेदार अपनी शंकाएं फोन नंबर 09897399207, 9557757705, 9368399214 पर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कॉल और व्हाटसएप कर शरीयत के अनुसार अपने सवालों के जवाब पूछ सकते हैं।