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Saharanpur: दारुल उलूम देवबंद में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर पाबंदी, किसी छात्र के पास मिला तो कटेगा नाम

Fri, 17 Apr 2026 07:12 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

Darul Uloom Deoband: सहारनपुर जिले में स्थित दारुल उलूम देवबंद ने संस्थान में छात्रों के स्मार्टफोन इस्तेमाल करने पर बैन लगा दिया है। ऐसा पढ़ाई से ध्यान न भटकने और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। इस नियम को सख्ती से लागू करने की चेतावनी दी गई है। 
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स्मार्टफोन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : freepik.com
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विस्तार
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Restrictions on smartphones: इस्लामी शिक्षा के प्रतिष्ठित केंद्र दारुल उलूम देवबंद ने अपने छात्रों के बीच अनुशासन और शैक्षणिक एकाग्रता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मल्टीमीडिया मोबाइल (स्मार्टफोन, टैब आदि) फोन के उपयोग पर सख्त पाबंदी लगा दी है। छात्रावास प्रभारी द्वारा जारी किए गए नए आदेश में छात्रों को इन उपकरणों का उपयोग करने से रोक दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि तलाशी के दौरान मल्टीमीडिया मोबाइल पाए जाते हैं तो उनके नाम संस्था से काटे जा सकते हैं।
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दारुल उलूम का कहना है कि यह कदम छात्रों को उनके प्राथमिक उद्देश्य, यानी शिक्षा से विचलित होने से रोकने के लिए उठाया गया है। प्रबंधन का मानना है कि मल्टीमीडिया मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग छात्रों का ध्यान भटकाता है, जिससे उनकी पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। संस्था का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र पूरी निष्ठा और लगन से अपने अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करें।
 

छात्रावास के प्रभारी मौलाना मुफ्ती अशरफ अब्बास ने इस संबंध में एक आदेश पत्र जारी किया है, जिसे संस्था परिसर में चस्पा किया गया है। इस आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी छात्र, चाहे वह नया हो या पुराना, के पास से मल्टीमीडिया मोबाइल बरामद होने की स्थिति में 'अखराज' यानी नाम काटने की कार्रवाई की जाएगी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि किसी छात्र के पास मोबाइल पाया जाता है, तो वह उसी छात्र का माना जाएगा, भले ही वह उसका उपयोग कर रहा हो या नहीं।
 
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मुफ्ती अशरफ अब्बास ने बताया कि यह निर्णय छात्रों को अनुशासित रखने और उनकी पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए लिया गया है। उनका मानना है कि इस पाबंदी से छात्र उस उद्देश्य को बेहतर ढंग से पूरा कर पाएंगे जिसके लिए वे दारुल उलूम में आए हैं। यह उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी संस्था द्वारा मल्टीमीडिया मोबाइल के उपयोग पर इसी तरह की पाबंदी लगाई गई थी, जिसके बाद छात्रों के कमरों की तलाशी भी ली गई थी।

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