गागलहेड़ी। बहराइच समेत कई जिलों में भेड़िये के आतंक से लोग परेशान हैं। ऐसे ही एक मामला रसूलपुर पापड़ेकी के खेतों में आया है। जहां पर गन्ने के खेत से निकले एक जानवर ने किसान पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर वह खेत में घुस गया और एक गीदड़ पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसका उपचार चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हमला करने वाला जानवर लकड़बग्घा था।
रसूलपुर पापड़ेकी गांव निवासी रोहित पुत्र राजकुमार सैनी बुधवार सुबह खेत में चारा लेने गया था। चारा काटते समय गन्ने के खेत से निकले एक जंगली जानवर ने उस पर हमला कर दिया। रोहित के शोर मचाने पर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान उस तरफ दौड़े, जिन्हें देखकर जंगली जानवर फिर से गन्ने के खेत में घुस गया। पंजे लगने से रोहित मामूली रूप से घायल हो गया। इसी बीच खेत के अंदर से एक अन्य जानवर की आवाज सुनाई दी। तभी खून से लथपथ हालत में एक गीदड़ खेत से बाहर निकलकर जमीन पर गिर पड़ा। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। किसानों का कहना था कि जिस जानवर ने हमला किया है वह लकड़बग्घा था, जिसने पहले रोहित पर हमला किया। इसके बाद गन्ने के खेत में गीदड़ पर हमला कर उसे घायल कर दिया।
घंटों तक चला अभियान, नहीं लगा सुराग
वन विभाग ने गंभीर रूप से घायल गीदड़ को कैलाशपुर के आंबेडकर पार्क में लाकर उसका उपचार किया, साथ ही खेतों में करीब दो घंटे तक हमला करने वाले जानवर की तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जिस तरीके से बहराइच समेत कई जिलों में भेड़िया हमला कर रहा है। अब ऐसे ही यहां पर लकड़बग्घा आ गया है। दहशत की वजह से ग्रामीण खेतों पर जाने से भी कतरा रहे हैं।
वर्जन
टीम को मौके पर भेजा गया था, लेकिन लकड़बग्घा का कोई निशान नहीं मिला। टीम जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हमला किस जानवर ने किया है। जानवर को पकड़ने के लिए जाल लगा दिया गया है। हालांकि इस एरिया में लकड़बग्घा नहीं है।
- विपुल कुमार मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी
यह होता लकड़बग्घा
शिवालिक वन प्रभाग के रेंजर मनोज कुमार बलोधी ने बताया कि लकड़बग्घा और सियार एक ही है। इनमें केवल अंतर यह होता है कि लकड़बग्घा मध्यम बड़े आकार के होते हैं, जबकि सियार उससे छोटा होता है। वहीं, भेड़िया एक मांसभक्षी जानवर है, जो ज्यादातर झुंड में शिकार करता है।