- सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, अमरोहा और बिजनौर से पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियां
- दमकल विभाग से नहीं ली गई थी गोदाम की एनओसी, न ही आग से बचाव के कोई इंतजाम थे
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। गांव रसूलपुर में अदाणी ग्रुप के सरसों के तेल, रिफाइंड एवं खाद्य पदार्थ सामग्री का गोदाम रात भर जलता रहा और धमाके होते रहे। आग इतनी भीषण थी कि सहारनपुर के अलावा मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, अमरोहा और बिजनौर से दमकल विभाग की गाड़ियों व टीमों को बुलाना पड़ा। रात भर दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे रहे। लगभग 13 घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस गोदाम में न ही आग से बचाव के इंतजाम मिले और न ही दमकल विभाग से एनओसी ली गई थी। सीएफओ प्रताप सिंह ने बताया कि इसकी जांच की जा रही और कार्रवाई की जाएगी।
गोदाम में आग शनिवार की रात एक बजे लगी। गोदाम में रखे सरसों और रिफाइंड के कनस्तरों में आग की गर्मी से धमाके होने शुरू हो गए, जिससे गोदाम में लगे टीनशेड भी गिरने शुरू हो गए। टीनशेड गिरने की वजह से दमकल विभाग की टीमों को विपरीत परिस्थितियों में आग बुझाने का कार्य करना पड़ा। लगातार दमकल विभाग की गाड़ियां खाली होती रहीं। आग बुझाने में दस गाड़ियों का इस्तेमाल हुआ है। करीब 50 से अधिक राउंड पानी के भरे गए। तब, जाकर दमकल विभाग की टीमों ने रविवार की दोपहर दो बजे आग पर काबू पाया। आग लगने की वजह शार्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन दमकल विभाग और देहात कोतवाली पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है।
- खाली कराए 50 से अधिक मकान, पिघले टैंक, आई दरार
गोदाम के पीछे की तरफ आबादी वाला इलाका है। यहां करीब 50 मकान हैं। आग को बढ़ता देखकर दमकल विभाग की टीमों ने मकानों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया। आग का ताप इतना था कि 500 मीटर की दूरी पर स्थित मकानों के ऊपर रखे पानी के टैंक भी पिंघल गए। कई मकानों में दरारें भी आग गईं।
- दो किलोमीटर में फैला धुआं, सांस लेने में हुई दिक्कत
आग की वजह से क्षेत्र में करीब दो किलोमीटर इलाके में धुआं फैल गया, जिसकी वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। लोग अपने घरों को छोड़कर दूर चले गए। दोपहर बाद जब आग पर बुझने के बाद धुआं निकलना बंद हुआ तो लोग घर लौटे।
- खेतों में फैला रिफाइंड और सरसों का तेल
गोदाम के आसपास के खेतों में रिफाइंड और सरसों का तेल फैल गया। सुबह आग लगने का पता लगते ही गोदाम के पास लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई, जिनको पुलिस ने वहां से हटाया। धुएं की वजह से सांस लेने में दिक्कत हुई तो लोग खुद भी वहां से चले गए।
- बुलाई क्रेन, जेसीबी से तोड़ी दीवार, बाल-बाल बचे दमकलकर्मी
शनिवार की रात जब एक बजे आग लगी तो गोदाम के मुख्य दरवाजे से अंदर घुसने की कोशिश दमकल विभाग की टीमों ने की, लेकिन टीन शेड गिरा होने की वजह से दिक्कत आई। मौके पर क्रेन बुलवाकर टीनशेड को हटवाया गया। टीम के अंदर घुसने के बाद भी कई टीनशेड गिरे, जिसमें कई दमकलकर्मी बाल-बाल बचे। आग बुझाते हुए 13 घंटे बीत गए, लेकिन गोदाम के पिछले हिस्से में जाने में दमकलकर्मियों को दिक्कत हुई। इसलिए से जेसीबी से खेत के रास्ते से गोदाम की दीवार को तोड़कर आग पर काबू पाया गया।
- डीएम और एसएसपी भी मौके पर पहुंचे
जिलाधिकारी डाॅ. दिनेश चंद्र और एसएसपी डाॅ. विपिन ताड़ा भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने मौका-मुआयना किया। घटना के संबंध में दमकल विभाग के अधिकारियों से डीएम और एसएसपी ने जानकारी ली।
- लखनऊ तक पहुंची आग की तपिश
सीएफओ प्रताप सिंह ने लखनऊ मुख्यालय को भी घटना से तुरंत अवगत कराया और मदद मांगी। इसके बाद पड़ोसी जिलों से दमकल विभाग की गाड़ियां और टीमें सहारनपुर में घटनास्थल पर पहुंचना शुरू हो गई।
- नुकसान किया जा रहा आंकलन
आग से गोदाम में हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। आग में करोड़ों रुपये का सामान जला है। सीएफओ प्रताप सिंह का कहना है कि अभी कहा नहीं जा सकता है कि कितना नुकसान हुआ है।
- उत्तराखंड और वेस्ट यूपी में सामान होता है सप्लाई
गोदाम से फॉरच्यून कंपनी का सरसों का तेल और रिफाइंड की सप्लाई सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, बिजनौर के अलावा वेस्ट यूपी कई जिलों में होती है। इसके अलावा यहां से उत्तराखंड में सरसों के तेल और रिफाइंड की सप्लाई होती है। यह गोदाम सात बीघा में बना हुआ है।
- वर्जन : आग पर दमकल विभाग की टीमों ने काबू पा लिया है। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। देहात कोतवाली पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी
- वर्जन : दमकल विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। गांव रसूलपुर में गोदाम चल रहा था। गोदाम की एनओसी नहीं थी। जांच के लिए टीम गठित की गई है। -प्रताप सिंह, सीएफओ