- दिल्ली से लेकर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिमी बंगाल तक काफी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सहारनपुर की लेडीज सैंडिल देश भर की महिलाओं को भा रहे हैं। अच्छी मांग के चलते देश के कई राज्यों में इसकी सप्लाई की जा रही है। यहां पर जूते बनाने की करीब 500 इकाइयां हैं। इनमें से अधिकांश में लेडीज सैंडिल तैयार की जाती हैं।
जनपद में करीब सौ वर्षों से जूता बनाने का काम हो रहा है। यहां पर अभी भी अधिकांश कारीगर जूता, सैंडिल आदि को परंपरागत तरीके से ही बनाते हैं। इसका वार्षिक कारोबार करीब 125 करोड़ रुपये का है। जूतों के साथ ही यहां के लेडीज सैंडिलों का देश भर में काफी क्रेज है। यहां पर चमड़े और रेक्सीन की ब्राइडल सैंडिल, पार्टी वियर सैंडिल, वैली, कोल्हापुरी चप्पल, हाईहील सैंडिल, फैंसी सैंडिल, स्लीपर और चप्पल बड़ी संख्या में तैयार की जाती है। यहां से जूतों और सैंडिल आदि की सप्लाई देश भर में होती है। देश में प्रदेश के साथ ही उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, केरल और पश्चिमी बंगाल में इन सैंडिलों की खासी मांग है।
- बोले उद्यमी
यहां के सैंडिलों की देश भर के कई राज्यों में काफी मांग है। इसमें ब्राइडल और फैंसी सैंडिल अधिक पसंद किए जा रहे हैं। हमारे यहां कारीगर परंपरागत तरीके से सैंडिलों को तैयार करते हैं। यहां की चप्पल की भी बढि़या डिमांड है। - कर्म सिंह गौतम, उद्यमी।
- जनपद का जूता उद्योग दूर-दूर तक मशहूर है। यहां सभी प्रकार के जूते बनाए जाते हैं। यहां की लेडीज सैंडिलें देश भर में काफी पसंद किए जाते हैं। इसके चलते यहां से उत्तराखंड से लेकर केरल और पश्चिमी बंगाल तक लेडीज सैंडिल सप्लाई होते हैं। - राकेश जाटव, उद्यमी।