सहारनपुर मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने कहा है कि विकसित राष्ट्र का लक्ष्य खुले में शौच से मुक्ति के मार्ग से प्राप्त होगा। यह प्रयास को सभी को मिलकर करना है, इसे जनांदोलन बनाकर प्रत्येक व्यक्ति को इससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी देनी होगी।
लोगों में सोच परिवर्तन लाना होगा। तभी खुले में शौच से मुक्त कराया जा सकता है। मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल बुधवार को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत समुदाय संचालित संपूर्ण स्वच्छता की पांच दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को बदलाव का मुख्य आधार बताते हुए प्रतिभागियों से अपील की कि जन-जन से संवाद करके खुले में शौच से मुक्ति का वातावरण बनाएं। गंदगी से होने वाली बीमारियों एवं जन स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुप्रभावों के बारे में बताया।
इस बात की सराहना की कि खुले में शौच से मुक्ति के लिए सरकारी और गैरसरकारी स्तर पर प्रयास नित प्रतिदिन सफलता अर्जित कर रहा है। उन्होंने खुले मेें शौच से मुक्त हो रही ग्राम पंचायतों को बधाई देते हुए यह भी विश्वास दिलाया कि शीघ्र ही द्वितीय चरण की 55 ग्राम पंचायतें भी खुले में शौच से मुक्त होंगी।
जिलाधिकारी पवन कुमार ने कहा कि गांव स्वच्छ होगा, तभी गांव स्वस्थ होगा। लोगों की सोच को बदलने के लिए गांव के युवाओं को जागरूक किया जाए। उनकी टीमें बनाकर गांव के अन्य लोगों को जागरूक कराया जाए।
इससे पूर्व विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा ने 55 गांवों के ग्राम प्रधानों, सचिवों एवं गांवों में कार्य करने के लिए बनाई गई टीमों के सदस्यों की कार्यशाला का आयोजन किया गया।
पंचायतों के ग्राम प्रधान, नोडल अधिकारी, सचिव को समुदाय संचालित संपूर्ण स्वच्छता के बारे में जानकारी दी गई। प्रत्येक गांव की कार्ययोजना तैयार कराई गई।
प्रत्येक गांव का नक्शा बनवाया गया। सभी को गांवों में खुले में शौच से मुक्त कराने के बारे में कार्य करने के तरीके के बारे में बताया गया। इस मौके पर जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह, मुख्य प्रशिक्षक विनोद मिश्रा मौजूद रहे उपस्थित रहे।