देवबंद। थाना बड़गांव क्षेत्र में बड़ूली नहर से मिला आधा शव देहरादून के रिटायर्ड प्रिंसिपल श्यामलाल (80) का था। उनकी हत्या कर शव को देवबंद क्षेत्र में ठिकाने लगाया गया था। बृहस्पतिवार को श्यामलाल की बेटी निधि और अन्य परिजनों ने शव की शिनाख्त की। बहन ने हाथ पर बंधी राखी और कलावा से, जबकि अन्य परिजनों ने कपड़ों से पहचान की।
देहरादून के पटेलनगर में दो फरवरी को सेवानिवृत्त श्यामलाल संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। सात फरवरी को बेटी निधि राठौर ने पटेलनगर थाना में ही गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज व अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने बीते दिनों देवबंद के मोहल्ला कायस्थवाड़ा से अजय कुमार और उसके साथी कैलाशपुरम कॉलोनी निवासी पूर्व भाजपा नेता के बेटे धनराज चावला को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में अजय कुमार ने बताया कि बहन गीता और जीजा हिमांशु ने श्यामलाल की हत्या की थी। दो फरवरी को गीता ने फोन कर उसे और धनराज को देहरादून बुलाया था। उन्होंने श्यामलाल के शव को एक प्लास्टिक के बोरे में रखा और कार से उसे देवबंद लेकर पहुंचे। स्टेट हाईवे स्थित साखन नहर में शव को फेंक दिया था। साथ में कुछ कपड़े भी थे। पूछताछ के बाद दून पुलिस दोनों आरोपियों को देवबंद भी लेकर पहुंची थी, लेकिन उस समय शव नहीं मिला था।
बड़गांव पुलिस ने दी थी देहरादून पुलिस को सूचना
17 फरवरी को बड़गांव से होकर गुजर रही नहर से एक शव बरामद हुआ था, जिसका ऊपर का हिस्सा गायब था और कटे हुए हाथ पैरों से बंधे हुए थे। शव को मोर्चरी में रखवा दिया था। बड़गांव पुलिस ने बताया कि इस संबंध में देहरादून पुलिस को सूचना दी गई थी। बृहस्पतिवार को पुलिस के साथ निधि राठौर अपनी बुआ और कई अन्य परिजनों के साथ थाने पहुंची। फोटो दिखाई गई तो निधि और उसकी बुआ ने हाथ पर बंधी राखी और कलावा पहचान की। इसके अलावा परिजनों ने चेक वाली टी-शर्ट और काली पैंट से भी शव को पहचाना। वहीं, वारदात को अंजाम देने वाले गीता और उसका पति हिमांशु अभी भी फरार हैं। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है। आशंका है कि करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।