मिर्जापुर थाने के तत्कालीन प्रभारी नरेश कुमार।
सहारनपुर। पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति की खरीद के मामले में मिर्जापुर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेश कुमार को डीआईजी अजय कुमार साहनी ने पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है, जबकि इस प्रकार के अन्य मामलों में शामिल कई पुलिसकर्मियों की जांच की जा रही है। उन पर भी कार्रवाई तय है।
बता दें, कि बिजनौर के रहने वाले इंस्पेक्टर नरेश कुमार साल 2022 से 2023 के बीच मिर्जापुर थाने के प्रभारी रहे थे। मुख्यमंत्री को शिकायत की गई थी कि इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए हाजी इकबाल की बेनामी संपत्तियों में से 49.6 बीघा जमीन अपनी पत्नी राजरानी के नाम पर करा ली। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत 91.40 लाख रुपये है। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि इसके लिए कोई अनुमति भी नहीं ली गई। सितंबर 2023 में इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया था, साथ ही विभागीय जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि इंस्पेक्टर ने पद का दुरुपयोग किया है। जांच के बाद 17 अक्तूबर 2024 को इंस्पेक्टर के खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज हुआ था। अब इंस्पेक्टर को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। बता दें, कि हाजी इकबाल के खिलाफ कई मामले दर्ज है।
कई अन्य पुलिसकर्मी भी जांच के दायरे में
तत्कालीन इंस्पेक्टर के पुलिस सेवा से बर्खास्तगी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पूर्व एमएलसी की पत्नी फरीदा बेगम लगातार शिकायत कर रही हैं कि कई अन्य पुलिसकर्मी भी इसमें शामिल रहे हैं, जो उस समय मिर्जापुर थाने में तैनात थे, जिसमें एक सब इंस्पेक्टर भी है। उन्होंने भी अवैध रूप से संपत्ति पर कब्जा किया है। इंस्पेक्टर की बर्खास्तगी के बाद अब इनकी जांच शुरू कर दी गई है। उन पर भी गाज गिर सकती है।