सहारनपुर। वर्ष 2014 में हुए दंगों के मामले में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी प्रशासन अदालत में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पेश हुए। उन्होंने घटना के संबंध में अपने बयान दर्ज कराए। गठित जांच समिति की सत्यता की पुष्टि की।
वर्ष 2014 में गुरुद्वारा की जमीन को लेकर जिले में दंगे हुए थे। दंगे के दौरान पुलिस कांस्टेबल सहसपाल को गोली मार दी गई थी, जिसमें सहसपाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मौके पर तत्कालीन जिलाधिकारी संध्या तिवारी, तत्कालीन अपर जिलाधिकारी दिनेश चंद्र और तत्कालीन वरिष्ठ अधीक्षक राजेश पांडेय मौजूद थे, लेकिन विवेचक ने उन्हें साक्षी नहीं बनाया था।
मुकदमे के दौरान साक्ष्य और केस डायरी में दोनों अधिकारियों के मौके पर उपस्थित होने के साक्ष्य प्रकाश में आए। इसके बाद सहायक शासकीय अधिवक्ता ने प्रार्थनापत्र देकर तीनों अधिकारियों को साक्ष्य अभियोजन के लिए आवश्यक बताया था।
अदालत ने इसके बाद सभी को पेश होने के निर्देश दिए थे। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में जारी है। बृहस्पतिवार को वर्तमान में जिलाधिकारी दिनेश चंद्र वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश हुए। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अपने बयान में गठित जांच समिति की रिपोर्ट की सत्यता की पुष्टि की है। साथ ही पूरे घटनाक्रम को अदालत के दोहराया।