सहारनपुर। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना लोकसभा से सांसद चंद्रशेखर पर हुए हमले में उनकी गवाही अहम रहेगी। अभी तक दो गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अधिक्ताओं के नोवर्क की वजह से तीसरे गवाह के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। अब अदालत 26 जून को सुनवाई करेगी।
मामला अपर सत्र न्यायाधीश एससीएसटी कक्ष संख्या दो की अदालत में चल रहा है। इन दिनों अधिवक्ता ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते नोवर्क पर है। आसपा प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर पर देवबंद में हुए जानलेवा हमले में उनके चालक मनीष कुमार, साथी रामपुर मनिहारान निवासी डॉ. ब्रजपाल की गवाही हो चुकी है। चंद्रशेखर और उनके प्रतिनिधि काशी मौर्य की गवाही होनी बाकी है। अधिवक्ताओं के मुताबिक, मामले में चंद्रशेखर और डॉ. ब्रजपाल की गवाही अहम रहेगी। क्योंकि यह घायल हुए थे। पिछली तारीख पर भी नोवर्क के चलते काशी मौर्य की गवाही नहीं हो सकी थी। शुक्रवार को भी गवाही नहीं हो सकी है। वहीं, इन सबकी गवाही होने के बाद जांच अधिकारी के बयान दर्ज होंगे। पुलिस ने 300 पन्नों का आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था,
- यह था प्रकरण
पिछले वर्ष 29 जून को दिल्ली से लौटते समय सांसद चंद्रशेखर देवबंद में अपने कार्यकर्ता के घर रुके थे। वह जब वहां से अपने काफिले के साथ निकले तो यूनियन तिराहे पर कार में आए युवकों ने चंद्रशेखर की गाड़ी पर फायरिंग की थी। एक गोली चंद्रशेखर को पेट को छूकर निकली थी। आरोपी विकास उर्फ विक्की, प्रशांत, लविश, निवासी गांव रणखंड़ी देवबंद और विकास निवासी गौंदर थाना निसिंग जिला करनाल हरियाणा को गिरफ्तार किया था।