सहारनपुर। लखनऊ से नामित मेरठ मेडिकल कॉलेज की छह सदस्यीय रीजनल रिसोर्स ट्रेनिंग सेंटर (आरआरटीसी) टीम ने जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को बारीकी से जांचा। इस दौरान अस्पताल में बेड से लेकर स्टाफ की भारी कमी मिली। साथ ही तीन डॉक्टरों को प्रशिक्षण के लिए मेरठ बुलाया है। रिपोर्ट को तैयार कर लखनऊ भेजा जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में सरकार की मंशा के अनुसार मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है या नहीं, इसके लिए रीजनल रिसोर्स ट्रेनिंग सेंटर (आरआरटीसी) टीम का गठन किया गया है। सोमवार को एलएलआरएम कॉलेज मेरठ से अलग-अलग विभागों के पांच डॉक्टर सहित छह सदस्यीय टीम जिला महिला अस्पताल में पहुंची। इनमें डॉ. अरुणा वर्मा, डॉ. शकुन सिंह, डॉ. सीमा जैन, डॉ. योगेश कुमार मानिक, डॉ. अनुपमा वर्मा और स्टाफ नर्स योगिता राणा शामिल रही। टीम ने ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम, वार्ड, हाई डिपेंडेंसी यूनिट, एसएनसीयू आदि का बारीकी से निरीक्षण किया। मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा की जांच की। हाई डिपेंडेंसी यूनिट में स्टाफ की कमी मिली।
एक बेड पर एक स्टाफ की ही तैनाती होनी चाहिए, लेकिन यहां पर दो बेड पर एक स्टाफ तैनात मिला। जिस पर महिला सीएमएस ने बताया कि स्टाफ बढ़ाने को लेकर शासन में पत्र भेजा गया है। डिलीवरी के बाद महिलाओं को पीएनसी वार्ड में भर्ती किया जाता है, उसमें बेड की संख्या कम मिली। इसके अलावा तीन डॉक्टरों को प्रशिक्षण की जरूरत बताई। जिन्हें प्रशिक्षण के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज बुलाया गया है। अस्पताल में डिलीवरी का आंकड़ा अच्छा है। साथ ही मरीजों का भी अच्छा इलाज हो रहा है। निरीक्षण की जांच रिपोर्ट को टीम लखनऊ भेजेगी।