सहारनपुर में एनसीआर के साथ ही सहारनपुर में भी उभरे वायु प्रदूषण बढ़ने के हालात चिंता का विषय है। मगर लगता है प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इसे लेकर ज्यादा गंभीर नहीं है।
शायद यही वजह है कि जनपद में चलने वाले सैकड़ों कोल्हू एनजीटी की गाइड लाइन की अनदेखी कर धड़ल्ले से चल रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी केवल नोटिस भेजने तक सीमित है। ऐसे में कोल्हू हवा में लगातार जहर घोल रहे हैं।
वायु प्रदूषण के लिए गांव-देहात में चलने वाले कोल्हू भी जिम्मेदार हैं, जिनमें गन्ने की खोई जलाई जाती है, जिसकी वजह से जहरीले धुएं के गुब्बार बाहर निकलकर हवा को दूषित करते हैं।
एनजीटी भी मानता है कि कोल्हुओं में जलने वाली खोई से वायु प्रदूषण बढ़ा है। इसी लिए एनजीटी ने कुछ समय पहले कोल्हुओं के लिए गाइडलाइन तैयार कर उसका पालन कराने के आदेश दिए थे।
सहारनपुर जनपद में 270 से अधिक कोल्हू संचालित हो रहे हैं। एनजीटी के आदेश के बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने 270 कोल्हू संचालकों को नोटिस जारी करते हुए गाइडलाइन का पालन करने को कहा था। मगर उसके बावजूद तमाम कोल्हू मनमाने तरीके से संचालित हो रहे हैं।
हैरत की बात यह है कि बोर्ड के अधिकारियों ने भी नोटिस से आगे कोई कार्रवाई नहीं की है।
कोल्हुओं को एनजीटी की गाइडलाइन के अनुरूप संचालित करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। कोल्हू संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-विवेक रॉय, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।