चकहरेटी गांव में जलभराव की स्थिति।
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सहारनपुर। नगर निगम प्रशासन की लापरवाही के कारण जनता का स्मार्ट सिटी का सपना धुंधला हो रहा है। कहने को सहारनपुर स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल है,लेकिन यहां पर रास्ते तक पक्के नहीं किए जा रहे हैँ। जिसका खामियाजा जनता को भरना पड़ रहा है। रविवार सहारनपुर में श्मशान मार्ग टूटने और जलभराव के कारण एक व्यक्ति के शव को अपने परिवार के लोगों का कंधा तक नसीब नहीं हुआ। जिससे पूरी मानवता तो शर्मसार हो गए लेकिन नगर निगम प्रशासन को शर्म आती नहीं दिख रही है। जिसको लेकर जनता में नगर निगम के प्रति बेहद नाराजगी है।
बता दें कि सहरनपुर के चकहरेटी में श्मशान घाट का मुख्य मार्ग टूटा हुआ है। जिसपर बारिश का पानी भी भरा है। मार्ग जलभराव के कारण पैदल चलने योग्य नहीं रहा है। मार्ग बनवाने की मांग काफी समय से चल रही है, लेकिन निगम के अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। शनिवार को 70 वर्षीय महेंद्र पुत्र सुगघन की मौत हो गई। परिवार व गांव के लोग वृद्ध के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट ले जाने लगे। लेकिन मार्ग पर अधिक जलभराव होने के कारण शव यात्रा पैदल नहीं जा सकी। जिसके कारण शव को ट्रैक्टर ट्रॉली में रखकर श्मशान तक ले जाना पड़ा। शव यात्रा में शामिल सभी लोगों ने नगर निगम प्रशासन को कोसा। ग्रामीण डॉ. मुकेश सैनी, रोबिन धीमान, रॉकी शर्मा, प्रमोद कश्यप, मोनू आदि का कहना है कि पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से जलभराव रहता है। श्मशान मार्ग के साथ ही गांव में अन्य मार्गों पर भी जलभराव है। यहां निर्वाचित के साथ ही मनोनीत पार्षद भी है। इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
सर्वे कराकर दूर कराई जाएगी समस्या - नगरायुक्त
सहारनपुर। चकहरेडी गांव में श्मशान घाट मार्ग पर जलभराव और समस्याओं के बारे में नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि श्मशान घाट वाले मार्ग पर जलभराव की उन्हें जानकारी नहीं है। वह सर्वे कराएंगे, जिसके बाद जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
चकहरेटी गांव में ट्रैक्टर ट्राली से श्मशान घाट तक शव ले जाते ग्रामीण।- फोटो : SAHARANPUR