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Saharanpur News: युवाओं में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा, शुरुआत के तीन घंटे महत्वपूर्ण

Mon, 29 Sep 2025 12:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सहारनपुर। युवा पीढ़ी घर के बने पारंपरिक और हेल्दी भोजन को छोड़कर फास्ट फूड की ओर भाग रही है। साथ ही जीवनशैली भी बदल गई है। यही कारण हैं कि युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा कई गुणा बढ़ गया है। उन्हें अपने खानपान और दिनचर्या में सुधार की जरूरत है। खास बात यह है कि हार्ट अटैक आने के बाद तीन घंटे काफी महत्वपूर्ण होते हैं, जिनमें सही इलाज लेकर जान को बचाया जा सकता है।
सोमवार को विश्व हृदय दिवस है। इस बार की थीम एक भी धड़कन ना चूके। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि बदलती जीवनशैली व खानपान से कम उम्र में ही हृदय साथ छोड़ रहा है। आजकल युवा आठ घंटे कंप्यूटर व लैपटॉप पर काम कर रहे हैं। इससे उनमें मोटापा आ जाता है।
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पुरुषों की कमर 90 सेंटीमीटर से ज्यादा और महिलाओं की कमर 80 सेंटीमीटर से अधिक है तो उनमें हार्ट अटैक का खतरा 10 गुणा बढ़ जाता है। यदि किसी व्यक्ति को छाती के बीचों-बीच दर्द होकर दोनों बाजुओं में से किसी एक या फिर दोनों में जाए। साथ में उल्टी हो तो किसी समझ लें कि यह हार्ट अटैक का लक्षण है।
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ऐसे में तुरंत अच्छे चिकित्सक के पास जाएं, क्योंकि हार्ट अटैक में शुरुआती तीन घंटे महत्वपूर्ण होते हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी का कहना है कि दिल के मरीजों को ज्यादा भारी काम नहीं करना चाहिए। सीधी सीढि़यां नहीं चढ़नी चाहिए। ज्यादा गुस्सा न करें। चिकनाई युक्त पदार्थ नहीं खाना चाहिए। मोटापे का इलाज कराएं।
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