चिलकाना। ग्राम आल्हनपुर में रास्ते से पिलर हटवाने पहुंची राजस्व विभाग की टीम को ग्रामीणों के विरोध के चलते बिना कार्रवाई किए लौटना पड़ा। घंटों की गहमागहमी और अधिकारियों द्वारा समझाए जाने के बाद भी ग्रामीण अपने निर्णय से टस से मस नहीं हुए।
गांव आल्हनपुर के कुछ लोगों ने रास्ते में लगाए गए पिलरों की शिकायत जिलाधिकारी से करते हुए सरकारी रास्ता खुलवाने की मांग की थी। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर ने बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार मुकर्रम बदर खान के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल को मौके पर भेजा। टीम ने रास्ता खुलवाने की कार्रवाई शुरू की तो ग्रामीणों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि संबंधित मार्ग लोक निर्माण विभाग का नहीं, बल्कि नहर विभाग का रास्ता है, जिस पर भारी वाहनों का संचालन संभव नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी कारण उन्होंने पूर्व में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर वहां पिलर लगवाने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना था कि यमुना नदी से खनन से भरे हुए डंपर इस मार्ग पर चलते हैं। इसके कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल में जाने वाले बच्चे डंपरों से लगने वाले जाम में फंस जाते हैं और उन्हें स्कूल पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ता है। इसी कारण पिलर लगाए गए थे।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते हुए लोक निर्माण विभाग से मार्ग के निर्माण के लिए प्रयास करने और उक्त रास्ते पर भारी वाहनों का संचालन नहीं होने देने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद ग्रामीण पहले वैकल्पिक मार्ग के निर्माण की मांग पर अड़े रहे। आखिर में टीम को लौटना पड़ा। नायब तहसीलदार मुकर्रम बदर खान ने बताया कि वह उप जिलाधिकारी के आदेश पर रास्ता खुलवाने पहुंचे थे। ग्रामीणों के विरोध के बाद उनसे वार्ता की गई है। पूरे घटनाक्रम से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।