सहारनपुर। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण एक अप्रैल 2026 से खाद्य लाइसेंस के नियमों में बदलाव करने जा रहा है। अब खाद्य लाइसेंस आजीवन वैध रहेगा और व्यापारियों को बार-बार नवीनीकरण की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही बेसिक रजिस्ट्रे्शन की सीमा भी 12 लाख से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये हो जाएगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम समय-समय पर फैक्टरी, प्रतिष्ठान और दूध डेयरियों का निरीक्षण कर नमूना इकट्ठा करती है। उसके बाद नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है। रिपोर्ट आने पर संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई होती है। जांच रिपोर्ट में 60 से 70 फीसदी नमूने फेल आते हैं। अब खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अप्रैल से खाद्य लाइसेंस के नियमों में बदलाव का निर्णय लिया है।
लाइसेंस और पंजीकरण को बार-बार नवीनीकरण नहीं कराना होगा। इसके साथ ही बेसिक पंजीकरण की सीमा 12 लाख से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये होगी। 50 करोड़ तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए स्टेट लाइसेंस अनिवार्य होगा।
50 करोड़ से अधिक के टर्नओवर पर सेंट्रल लाइसेसिंग के नियम लागू होंगे। किसी खाद्य पदार्थ का नमूना जांच में असुरक्षित पाया जाता है तो संबंधित दुकान का लाइसेंस निलंबित होगा। इसके साथ ही जिस खाद्य पदार्थ का नमूना फेल आएगा, उसकी बिक्री बंद होगी।