सहारनपुर। गर्मी के दिनों में मरीजों को दोहरी मार मिल रही है। पहले से ही सब्जियां महंगी थीं, अब दवाओं के दाम भी बढ़ने लगे हैं। शुगर, ब्लड शुगर, दर्द से जुड़ी दवाइयां 20 से 25 फीसदी तक महंगी हो गई हैं। इसकी वजह से मरीजों को इलाज कराने में जेब ढीली करनी पड़ रही है। वहीं, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर सभी प्रकार की दवाएं न होने से भी मरीजों को महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती है।
जिले में तीन हजार से अधिक मेडिकल स्टोर हैं। इनके अलावा होलसेल मेडिकल स्टोर भी हैं। दवा की कई कंपनियों ने दवाओं के दामों में इजाफा किया है। शुगर, बीपी, दर्द, कोलेस्ट्रॉल, सांस और दर्द निवारक जैसी कई सामान्य दवाएं दो महीने के अंदर 25 से 30 फीसदी महंगी हुई है। एमलोकाइंड हाई ब्लड प्रेशर में काम करती है, जबकि इकोस्प्रिन कैप्सूल हार्ट अटैक और स्ट्रोक को रोकता है। खास बात यह है कि इस समय अस्पतालों में मरीज बढ़े हैं। बुखार और डायरिया के भी तमाम मरीज आ रहे हैं। ऐसे में दवाओं के दाम बढ़ने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्योंकि, सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवा नहीं मिल पाती है। ऐसे में मरीजों को बाहर से ही महंगी दवा खरीदनी पड़ रही है।
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दवाओं के दामों में अंतर
दवा का नाम पहले अब
एमलोकाइंड टैबलेट 53 59
इकोस्प्रिन कैप्सूल 47 71
जावामेट टैबलेट 500 एमजी 122 134
गाबापिन एमई टैबलेट 196 215
जालरा एम 50/500 एमजी 325 338
जालरा एम 50/1000 425 443
बोले दवा व्यापारी
डिस्ट्रिक्ट सहारनपुर केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन अध्यक्ष विजय सैनी का कहना है कि दवा कंपनियों ने दवाओं के दाम बढ़ाए हैं। इनमें शुगर, दर्द आदि की दवाएं शामिल हैं। दो महीने के अंदर ज्यादा दाम बढ़े हैं। ऐसी दवाएं मरीजों को रोजाना लेनी होती है।