गंगोह में चल रही श्रीमद खाटू श्याम कथा का आनंद लेती महिलाएं
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गंगोह (सहारनपुर)। श्रीमद् खाटू श्याम कथा में मंगलवार को कथा व्यास स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि जो जीव धर्म की वेदी पर अपना जीवन बलिदान कर देता है, वह परमात्मा का प्रिय बन जाता है। इसी बलिदान के कारण बर्बरीक कलयुग का देव कहलाए।
श्री बांके बिहारी युवा समिति के तत्वावधान में मोहल्ला मखदूम जहां स्थित श्रीराम लीला भवन में चल रही श्री मद् खाटू श्याम कथा में मंगलवार को समिति सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से बाबा श्याम की इत्र और शृंगार सेवा की गई। इसके उपरांत बाबा की धूनी प्रज्ज्वलित की गई। कथा वाचन करते हुए कथा व्यास स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि जब महाभारत के युद्ध में श्री कृष्ण ने बर्बरीक से पूछा कि तुम किसकी ओर से युद्ध करोगे, तब उन्होंने कहा कि जो भी हारेगा मैं उसी की ओर से युद्ध करूंगा। बर्बरीक ने श्री कृष्ण को कहा कि मैंने अपनी मां को हारे का सहारा होने का वचन दिया है। भगवान श्री कृष्ण ने सोचा की प्रचंड शक्ति धारी बर्बरीक के रहते धर्म युद्ध नहीं लड़ा जा सकता।
इसके बाद श्री कृष्ण के मांगने पर बर्बरीक ने अपना शीश उन्हें दान कर दिया। प्रसन्न होकर श्री कृष्ण ने अपनी समस्त शक्तियां और अपना श्याम नाम बर्बरीक को दे दिया। इसी कारण उन्हें शीश का दानी कहा जाता है। महाराज जी ने कहा कि हमें खाटू श्याम जी की अमर बलिदान की महागाथा से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सार्थक करना चाहिए। कथा में जोनी सैनी, अमित सैनी, मोनू शर्मा, अंकुर प्रजापति, विजेंद्र सैनी, राजेंद्र कश्यप, सुभाष सैनी, रेखा सैनी, रीता सैनी, सविता शर्मा, राधा शर्मा, कविता, नीलम सैनी, बाला कश्यप आदि रहे।