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Saharanpur News: शब-ए-कद्र की रात साल में एक बार आती है, जागकर करें इबादत

Thu, 13 Apr 2023 12:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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मौलाना मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी
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देवबंद। प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने कहा कि शब-ए-कद्र बड़ी मुबारक रात है। कुरआन पाक में पूरी एक सूरत इस रात की फजीलत में नाजिल हुई है और उसमें शब-ए-कद्र की रात को एक हजार रातों से अफजल करार दिया गया है।
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पवित्र रमजान माह की अहमियत पर रोशनी डालते हुए मौलाना मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने कहा कि शब-ए-कद्र को लैयलतुल कद्र इसीलिए कहा जाता है कि इसे दूसरी रातों के मुकाबले में शर्फ और अजमत हासिल है। इस रात में तमाम उम्मत के लिए जो कुछ तकदीर में लिखा हुआ है उसे अल्लाह की तरफ से दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कुरआन पाक में शब-ए-कद्र की चार फजीलतें बयान की गई है। नंबर एक इस रात में कुरआन पाक नाजिल हुआ, नंबर दो ये रात हजार महीनों से अफजल है, नंबर तीन इस रात में फरिश्तें उतरते हैं और नंबर चार इस रात में सुबह सादिक तक खैर व बरकत और अमन व सलामती की बारिश होती है। मुफ्ती अफ्फान ने कहा कि शब-ए-कद्र रमजान के आखिरी अशरे (अंतिम दस दिन) में होती है। उन दस रातों में से खास ताक रातें यानी 21, 23, 25, 27 व 29 की होती हैं, लेकिन हर रमजान में यह बदलती भी रहती है। उन्होंने कहा कि ये रात साल में सिर्फ एक बार आती है। इस रात की बरकतों से महरूम रह जाना बड़ी बदनसीबी है। इसलिए सभी लोगों को चाहिए कि वे शब-ए-कद्र में सिर्फ जागकर अपना वक्त खराब न करें बल्कि ज्यादा से ज्यादा अल्लाह की इबादत करें।
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