सहारनपुर। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का विभाजन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रदेश के विभाजन से जहां प्रदेश के 24 करोड़ लोगों को लाभ होगा वहीं छोटे राज्य होने पर कानून व्यवस्था भी बेहतर होगी।
बुधवार को चिलकाना रोड स्थित एक सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर उत्तरप्रदेश को चार भागों में बांटने और 26 जिलों को मिलाकर पृथक पश्चिम प्रदेश के निर्माण की मांग की गई है। छोटे राज्य होने से देश तेजी से उन्नति करता है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर आठ करोड़ जनसंख्या का पृथक पश्चिम प्रदेश देश ही नहीं दुनिया का सबसे उन्नतिशील राज्य होगा। पश्चिम प्रदेश में शिक्षित युवाओं को सबसे ज्यादा रोजगार होंगे, यहां बड़े उद्योग भी लगेंगे। हाईकोर्ट मेरठ में होगा और यहां के लोगों को मुख्यमंत्री से मिलना हरियाणा और उत्तराखंड की तरह आसान होगा। वीरेंद्र चौधरी, आसिम मलिक, राजेंद्र चौधरी आदि ने भी विचार रखे। विनोद सैनी, सरदार गुलविंदर सिंह बंटी, विरेंद्र सिंह बिल्लू, नीरज कपिल, रविंदर गिल, जोगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।