वेद प्रचार कार्यक्रम में दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सहारनपुर, गंगोह। आर्य समाज के वेद प्रचार कार्यक्रम का चौथा दिन पर्यावरण संरक्षण के बचाव के प्रति व्याख्यान एवं भजनोपदेश को समर्पित रहा। इस दौरान यज्ञ में आहुतियां डालर विश्व कल्याण की प्रार्थना की गई।
आर्य विद्वान आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री ने अपने व्याख्यान में कहा कि दिनचर्या में सुधार लाकर मनुष्य अपने जीवन को स्वस्थ एवं सुंदर बना सकते हैं। पर्यावरण को शुद्ध रखना प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है। जो मनुष्य शुद्धि नहीं करता और दुर्गंध फैलाता है अथवा फैलाने में सहयोग करता है वह पापी है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण के बचाव में यथासंभव सहयोग अवश्य करें। इसी से समस्त प्राणियों का जीवन सुरक्षित रह सकेगा और बच सकेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए सर्वप्रथम पानी को साफ व शुद्ध रखें, चाहे पानी नालियों, नदी नाले, झील, तालाब, फ्रिज, कूलर आदि का ही क्यों न हो। पॉलिथीन का प्रयोग बंद करें। कूड़ा करकट निश्चित स्थान पर ही डालें।
भजनोपदेशक पंडित योगेशदत्त आर्य और भजनोपदेशिका संगीता आर्या ने अपने भजनोपदेश के मध्यम से पर्यावरण बचाव का प्रभावी संदेश दिया। जगपाल आर्य, वीरसिंह भावुक, सुरेंद्र आर्य, ऋषिपाल आर्य, प्रेमसिंह आर्य, योगेश आर्य, रमेश आर्य, नरसिंह आर्य, मुल्कीराज आर्य, अनिल आर्य, आर्य राकेश, राजेंद्र आर्य, देवेंद्र आर्य, सुदेश प्रभा आर्या, वेदवती आर्या, सीमा आर्या आदि रहे।