सहारनपुर। 48 घंटे से लगातार हो रही बूंदाबांदी से एक ओर जहां तापमान में भारी गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर जगह जगह जलभराव और कीचड़ समस्या बना हुआ है। लगातार बारिश से कामकाज भी प्रभावित हुआ है।
जनपद में बृहस्पतिवार की तड़के तीन बजे बूंदाबांदी शुरू हुई थी, जो तब से लगातार बनी हुई है। पांच से दस मिनट के लिए बूंदाबांदी रुकती है और फिर से शुरू हो जाती है। बादल छाए रहने की वजह से दो दिन से सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हुए हैं। साथ ही बारिश के लगातार होने से तापमान में भारी गिरावट आई है। जो न्यूनतम तापमान 28 और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहा था वह दो दिन से गिरकर 24 तक चल रहा है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 24 और अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। दो दिन में कुल 21 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बारिश की वजह से देहात के साथ ही शहर में भी जलभराव और कीचड़ है। नगर निगम गैराज के बाहर और डॉ. आंबेडकर स्टेडियम के बाहर जलभराव है। कलेक्ट्रेट से हकीकतनगर जाने वाले मार्ग पर कीचड़ और जलभराव है। पुराना कलसिया रोड पर बिशनपुर और ज्ञानागढ़ में सड़क पर जलभराव और कीचड़ बना हुआ है। मौसम विभाग ने शनिवार को भी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।
नोटिस के बाद भी खड़े हैं जर्जर भवन, दहशत में स्थानीय लोग
सहारनपुर। हादसा होने के खतरे को देखते हुए नगर निगम ने बीते माह जर्जर भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर भवनों को गिरवाने को कहा था, लेकिन भवन स्वामियों ने ऐसा नहीं किया है। नगर निगम ने पहले अपनी टीम भेजकर शहर भर के जर्जर भवनों का सर्वे कराया, जिससे पता चल सके कि भवनों की स्थिति क्या है। इसके बाद नगर निगम के मुख्य अभियंता निर्माण की ओर से सभी को छह अगस्त 2024 को नोटिस जारी किए गए थे। मटिया महल में शिव मंदिर वाली गली में स्थित दो जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस की कॉपी भवनों पर चस्पा कर भवनों को अपने खर्चे पर गिरवाने को कहा गया था। लेकिन आज तक यह भवन भी नहीं गिराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दो दिन से बारिश में उक्त भवनों के गिरने का खतरा बना हुआ है।