देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देश भर में हो रही आगजनी, पथराव और फायरिंग की घटनाओं को देखते हुए शुक्रवार को देवबंद में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। दारुल उलूम क्षेत्र ही नहीं नगर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में रैपिड एक्शन फोर्स, पीएसी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी गश्त कर पल पल की स्थिति का जायजा लेते रहे। किसी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए देवबंद के अधिकांश बाजार दिन भर बंद रहे।
जुमे की नमाज के बाद क्या होगा इसी उधेड़बुन में लोग सुबह से दोपहर तक लगे रहे। अधिकारियों की सांसें अटकी रहीं कि कहीं बवाल हो गया तो उस स्थिति में कैसे निपटा जाएगा। अधिकारी हिंदू और मुस्लिम समाज के मोअज्जिज लोगों को अपने संपर्क में लेकर उनसे शांति की अपील करते रहे। नगर के पठानपुरा, रेती चौक, मीना बजार, सरकटा बाजार, दारुल उलूम चौक, मेन बाजार, सराफा बाजार और हनुमान चौक बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। कई स्थानों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग अपने प्रतिष्ठान बंद कर एक दूसरे से स्थिति की जानकारी लेते रहे। बाजार में जो दुकानें खुली थीं उन पर भी आवाजाही कम थी। बवाल की आशंका को देखते हुए देहात से भी कम लोग देवबंद पहुंचे। नगर के सभी वार्डों के सभासद भाजपा और व्यापार मंडल के लोग सुबह से ही दुकानों पर जा कर व्यापारियों से प्रतिष्ठान खोलने की अपील करते रहे, लेकिन लोगों में डर था कि कहीं जुमे की नमाज के बाद बवाल न हो जाए। इसी डर के चलते लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
छावनी में तब्दील हुआ देवबंद
देवबंद। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में होने वाले बवाल की आशंका के मद्देनजर शुक्रवार को देवबंद छावनी में तब्दील रहा। दारुल उलूम क्षेत्र में जहां रैपिड एक्शन फोर्स, पीएसी और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मुस्तैदी के साथ डटे रहे वहीं बाजारों और चौराहों पर पुलिस बल पूरी तैयारी के साथ डटा रहा।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देवबंद में बंद पड़े बाजार।- फोटो : 20dbn1c.JPG