महानगर से करीब 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस महाविद्यालय ने करीब 22 साल तक क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षित बनाने का कार्य किया है। यहां प्रत्येक वर्ष करीब 650 विद्यार्थी स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिला पाते थे। जिनमें करीब 80 फीसदी छात्राएं रहती थीं।
राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य रहे डॉ. विपिन गिरि ने बताया कि अब राजकीय महाविद्यालय की परिसर विश्वविद्यालय परिसर बन गया है। यहां फिलहाल प्रशासनिक कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यहां का स्टाफ और शिक्षक भी स्थानांतरित होकर अन्य जगहों पर चले गए हैं। यहां कुल दस शिक्षक थे, जिनमें से छह शिक्षक स्थानांतरित हो चुके हैं और अब चार ही शिक्षक कार्यरत हैं।
छह एकड़ भूमि विश्वविद्यालय में गई
महाविद्यालय के पास कुल छह एकड़ भूमि थी, जिसमें भवन, परिसर और मैदान आदि थे। अब उक्त सभी भूमि और भवन विश्वविद्यालय में गए हैं। विश्वविद्यालय ने 43 एकड़ भूमि खरीदी है और छह एकड़ महाविद्यालय की मिली है। इस प्रकार विश्वविद्यालय के पास कुल 49 एकड़ भूमि है।