सहारनपुर के देवबंद में जिन कंधों पर एक दिन बाद बेटियों की डोली को सहारा देने की जिम्मेदारी थी। रविवार को वो कंधे बेटे के जनाजे को उठाकर टूट चुके थे।
थीतकी गांव के जहांगीर के परिवार में अचानक ऐसा कहर टूटा कि शादी की खुशियों पर ग्रहण लग गया। सांपला मार्ग पर ट्रैक्टर ट्राली की टक्कर से बाइक सवार अनस की मौत होने की खबर जब उसके परिजनों को मिली तो मेहमानों से भरे घर में मातम छा गया।
परिजनों की चीत्कारें हर किसी के दिल को चीर रही थीं। दरअसल सोमवार को अनस के ताऊ की चार बेटियों की बारातें आनी है। घर मेहमानों से भरा हुआ था।
हर कोई शादी की तैयारियों में मसरुफ था कि अचानक ऐसी मनहूस खबर मिली कि तमाम तैयारियां धरी की धरी रह गईं। जब बहनों को इकलौते भाई की मौत की खबर मिली तो वह दौड़ पड़ीं और उनके हाथों पर रची पिया के नाम की मेहंदी दरों दीवारों पर उतर गईं।
देर शाम परिवार के लोगों ने अनस के जनाजे को कंधा दिया तो हर कोई टूटकर बिखर गया। पूरा गांव मातम में डूबा हुआ है। वहीं, जहांगीर के परिवार की मजबूरी का भी जिक्र हो रहा है।
लोगों का कहना था कि कुदरत ने भी क्या खेल दिखाया है जिन कंधों पर सोमवार को डोली को सहारा देने की जिम्मेदारी थी आज वो कंधे अनस के जनाजे को उठाकर टूट चुके हैं।
वहीं, राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त ईसा रजा ने बताया कि सोमवार को चार लड़कियों की बारात आने के चलते मशविरे के बाद यह तय हुआ कि शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को परिजनों के सुपुर्द ए खाक कर दिया।