लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष सदस्यता ग्रहण करते पूर्व सांसद हाजी फजल
सहारनपुर। करीब सात साल बसपा में रहने के बाद पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने बृहस्पतिवार को पार्टी से अलविदा कह दिया। लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उन्हें सपा ज्वाइन कराई। इस दौरान पूर्व सांसद ने कहा कि बसपा में उनके हितों की अनदेखी की जा रही थी। उनका मन पहले से ही सपा में था।
दरअसल, 2019 में सांसद चुने गए हाजी फजलुर्रहमान इस लोकसभा चुनाव में भी टिकट मांग रहे थे, लेकिन बात नहीं बन सकी थी। तभी से उन्होंने बसपा से किनारा कर लिया था। चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान भी उनके फोटो कई बार अखिलेश यादव के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वह बसपा को छोड़कर सपा में जाएंगे। हालांकि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद उन्हें स्पष्ट कह दिया था कि उनका मन सपा में है। इसलिए जल्दी ही सपा में शामिल होने की अधिकारिक घोषणा करेंगे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह अपने काफिले के साथ बृहस्पतिवार को लखनऊ पहुंचे। वहां पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। पूर्व सांसद का पार्टी को छोड़ना बसपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। क्योंकि लोकसभा चुनाव के परिणाम में बसपा का प्रदर्शन बेहद निराशजनक रहा था। ऐसे में पार्टी को एक ओर झटका लगा है। पूर्व सांसद के साथ दो बार विधायक रह चुके वीरेंद्र ठाकुर ने भी सपा की सदस्यता ली है। कई अन्य भी सपा में शामिल हुए।
इस मौके पर विधायक आंसू मलिक, विधायक उमर अली खानन, युवा सपा नेता पुष्पेंद्र चौधरी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रूद्रसैन प्रतिनिधि चौधरी प्रवीन बांदुखेड़ी, तैमूर खान तीतरो चेयरमैन और सलीम अख्तर आदि मौजूद रहे।