सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मतगणना लगभग पूर्ण हो गई और गांव के नए मुखिया तय हो गए है। गांवों में कोरोना को हराने की जिम्मेदारी नवनिर्वाचित प्रधानों पर रहेगी। साथ में ग्राम सचिव को भी पूरा सहयोग करना होगा। इसके लिए विशेष अभियान चलेगा और सैनिटाइजेशन करने वाली 200 से अधिक छोटी मशीनें भी खरीदी जाएंगी। इसका खर्च ग्राम पंचायत निधि से ही किया जाएगा।
जनपद के 11 विकास खंडों की 884 ग्राम पंचायतों के प्रत्येक गांव यहां तक की घरों को भी सैनिटाइज किए जाने का प्लान बना लिया गया है। पहले 191 समूह का गठन किया गया था, अब 200 समूहों का बनाए गए हैं। इनमें सफाई कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जो गांव-गांव सफाई करने के अलावा सैनिटाइजेशन भी करेंगे। 70 प्रतिशत ग्राम पंचायतों के पास सैनिटाइजेशन करने वाली मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन छोटी गलियों में जाकर सैनिटाइज करने वाली मशीनें अब मंगवाई जा रही है। बाकी 30 प्रतिशत बड़ी मशीनों की व्यवस्था की जा रही है।
गांवों में निजी टैंकर किराए पर लेकर बड़े पैमाने पर सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जाना है। हालांकि, वर्तमान में पंचायत राज विभाग के पास मौजूद कुछ टैंकरों से ही अभियान चल रहा है, लेकिन अब क्योंकि, गांवों की सरकार बन गई है तो इस अभियान को युद्ध स्तर पर छेड़ने की तैयारी कर ली गई है। इसी सप्ताह अभियान को चलाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
मंगाई अतिरिक्त दवा और मशीनें, नियमित होगा छिड़काव
सहारनपुर। सैनिटाइजेशन के दौरान कीटनाशक छिड़काव के लिए अतिरिक्त दवा के लिए आर्डर दिया जा रहा है। ताकि कोई भी गांव सैनिटाइजेशन और दवा छिड़काव से अछूता न रहे। यह अभियान नियमित रूप से चलेगा।
धार्मिक स्थल, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय पर विशेष ध्यान
सहारनपुर। पवित्र रमजान माह चल रहा और आठ दिन बाद ईद का त्योहार भी मनाया जाएगा। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में धार्मिक स्थलों की सफाई-सफाई सैनिटाइजेशन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालयों की भी नियमित सफाई होगी।
पंचायत चुनाव की मतगणना संपन्न हो गई है। एक-एक गांव को सैनिटाइज किया जाना है। कोरोना से जारी जंग में होने वाले खर्च को ग्राम पंचायतें भी उठाएंगी। इसके लिए प्लान तैयार कर लिया गया है। बड़े पैमाने पर सफाई और सैनिटाइजेशन अभियान चलेगा।
उपेंद्र राज सिंह, डीपीआरओ।