तीतरों। निर्माणाधीन शामली- अंबाला हाईवे पर किसानों का धरना मुआवजे की मांग को लेकर 52वें दिन भी जारी रहा।
इस दौरान धरने पर बैठे किसानों योगेश कुमार, जसबीर सिंह, मेहताब, दिलशाद, बिरमसिंह बाल्लू, मुकेश सैनी व बलराम सिंह आदि ने कहा कि प्रशासन किसानों को झांसे में लेकर जबरन धरना समाप्त कराने की फिराक में है। किसानों ने एसडीएम नकुड के कहने पर ही आठ मीटर का रास्ता दिया था, परंतु अब प्रशासनिक अधिकारी निर्माण कार्य कराने के लिए समझौते की शर्तों को दरकिनार करके भूमि को खाली कराना चाहते हैं। किसान अब फिर से झांसे में आने वाले नहीं हैं। भले ही पूरे जनपद की फोर्स को बुला लें परंतु मुआवजा लिए बगैर धरना समाप्त नहीं होगा।
किसान संदीप कुमार ने बताया कि किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल सिसौली में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत व राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से मिलने के लिए गया है। जहां पर किसानों के धरने व मुआवजे को लेकर चर्चा की गई है।