राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर बनाए गए कोलाज के साथ डॉ. डीसी अग्रवाल।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। बापू को विचारधारा में जीवित रखा जाए। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की सीख बापू देकर गए थे, लेकिन आज समाज में व्याप्त बुराइयों ने उनकी विचारधारा को बिखेर दिया है। इसी विडंबना को अखबारों की सुर्खियां बनी हिंसा की घटनाओं को लेकर डीसी अग्रवाल ने कोलॉज बनाया, जिसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों के विपरीत समाज की मौजूदा दशा को परिभाषित किया गया है।
सहारनपुर में आवास विकास के निकट शिव विहार कॉलोनी में रहने वाले डीसी अग्रवाल जैन कॉलेज से सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। शौकिया तौर पर लंबे समय तक वह पर्यावरण और ऐतिहासिक इमारतों की फोटोग्राफी करते आए हैं और विभिन्न अखबारों, पत्रिकाओं में उनके फोटो प्रकाशित भी हुए हैं। गांधीजी की विचारधारा से जुड़ने के कारण समाज की मौजूदा स्थिति को लेकर भी वह आहत हुए और करीब 18 कोलॉज बनाए। उसमें वह तमाम घटनाक्रम के फोटो और खबरें जोड़ीं, जो बापू की सत्य और अहिंसा वाली विचारधारा के विपरीत हैं।
डीसी अग्रवाल का कहना है कि समाज गांधीजी के बताए रास्ते और सिद्धांतों को भूल गया है। मौजूदा परिवेश में जो हम लोग देख रहे हैं, उससे प्रतीत होता है कि हम एक तरफ दो अक्तूबर को राष्ट्रपिता का सम्मान करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ छोटी छोटी बातों पर हिंसा करते हैं। लोकतंत्र में विरोध भी होता है, लेकिन हिंसा के साथ विरोध करना ठीक नहीं है। सीएए के विरोध में देश में जो कुछ हुआ, वह बेहद खराब है। देश के लोगों को महात्मा गांधी ने यह कभी नहीं सिखाया था, बल्कि शांतिपूर्वक अपनी बात रखने और विरोध करना सिखाया था।
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