प्रधानमंत्री बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के फ्राड होने का पता चलते ही शनिवार को डाक विभाग हरकत में आ गया। डाकखाने पर फार्म लेकर पहुंची लड़कियों के डाककर्मियों से फार्म जमा करने से इंकार कर दिया।
देवबंद में पीएम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के फार्म 200 रुपये तक ब्लैक में बेचे जा रहे हैं। लेकिन दो-दो लाख रुपये के पाने के चक्कर में लड़कियां इससे ऊपर भी रकम खर्च करने को तैयार हैं। नगर में पिछले कई दिनों से मुख्य डाकघर पर योजना के फार्म जमा करने के लिए भीड़ लगी है। इस योजना की सच्चाई जानने के लिए शुक्रवार को जब अमर उजाला ने अधिकारियों और भाजपा नेताओं से बात की तो पता चला कि इस तरह की कोई योजना चलाई ही नहीं गई है।
शनिवार को ‘जब योजना ही नहीं तो कहां से मिलेंगे दो-दो लाख’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई तो डाक विभाग को माजरा समझ में आ गया। शनिवार को जैसे ही लड़कियां मुख्य डाकघर पर पहुंची तो विभाग के कर्मचारियों ने फार्म जमा करने से इंकार कर दिया। तब उन्हें योजना के फ्राड होने का पता चला।
उन लड़कियों के अरमानों पर पानी फिर गया जो दो-दो लाख रुपये के चक्कर में थी। एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जब योजना ही नहीं तो फार्म कैसे बिक रहे हैं, इसकी जांच कराई जाएगी।
नहीं मान रहीं लड़कियां : कर्मचारी
देवबंद। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के फार्म डाकघर में जमा किए जाने के संबंध में जब मुख्य डाकघर के पोस्टर मास्टर राजकुमार ठाकुर से वार्ता करनी चाही तो उसने संपर्क नहीं हो सका।
वहीं, कर्मचारी श्यामलाल ने बताया कि पिछले दो-तीन दिन से फार्म लेकर आ रहीं लड़कियों को योजना के फ्रॉड होने की बात कहकर फार्म लेने से इंकार कर रहे हैं। बावजूद इसके भीड़ इतनी है कि लड़कियां हंगामा करते हुए जबरदस्ती फार्म जमा कराने पर उतारू हैं। शनिवार को भी जब लड़कियां नहीं मानी तो कोतवाली से पुलिस बुलानी पड़ी।