देवबंद। पुलिस मुठभेड़ में घायल गोकश 25 हजार के इनामी नासिर उर्फ बाला के भाई ने अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में शपथ पत्र देकर मुठभेड़ को फर्जी बताया है। उसने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अदालत से न्याय की गुहार लगाई है। अदालत ने भी इस मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध मानी है। अदालत ने एसएसपी से मामले की जांच कराकर आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
बता दें, कि सोमवार रात बीबीपुर मार्ग स्थित चांद कॉलोनी के पास वाहन चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो गोकशों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई थी। मुठभेड़ में नासिर उर्फ बाला निवासी मोहल्ला बेरियान पैर में गोली लगने से घायल हो गया था। जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने बताया था कि पकड़ा गया गोकश 25 हजार रुपये का इनामी है। उसके खिलाफ देवबंद समेत अन्य थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं।
मंगलवार को घायल गोकश नासिर उर्फ बाला के भाई अफजाल ने अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में शपथ पत्र दाखिल कर पुलिस की मुठभेड़ को फर्जी बताया था। अफजाल का कहना था कि पुलिस नौ मार्च की रात 12.30 बजे उनके घर में घुसी और भाई नासिर को जबरन उठाकर ले गई। आरोप लगाया था कि पुलिस ने घर की महिलाओं के साथ भी अभद्र बर्ताव किया। पुलिस ने झूठी कहानी बनाकर उसके भाई के पैर में गोली मारी। जबकि उसका भाई नासिर निर्दोष और बीमार है। जिसका मेरठ के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है।
अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) परविंदर सिंह ने भी घटना को संदिग्ध माना है। अदालत ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मुठभेड़ के समय मौजूद पुलिसकर्मियों की पिछले 48 घंटों की लोकेशन तथा सीसीटीवी फुटेज संकलित कर अदालत में आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिए हैं।