सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल की इमरजेंसी से घायल की वीडियो बनाकर एक निजी अस्पताल को भेजने का मामला सामने आया है। आशंका जताई गई कि यह मामला कमीशन के खेल की ओर इशारा कर रहा है। इस मामले की प्रमुख अधीक्षक से शिकायत करते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
देहरादून निवासी सागर नौगजा पीर स्थित एक कांच की फैक्टरी में काम करता है। 20 जून को काम के दौरान सागर का हाथ कट गया था। इसके बाद दोस्त कुलदीप व अन्य लोग उसे लेकर एसबीडी जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। आरोप है कि प्राथमिक उपचार देने के बजाय मरीज की स्थिति से संबंधित वीडियो और फोटो एक निजी अस्पताल को भेज दिए। इसके बाद घायल को बेहतर उपचार के नाम पर एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
घायल को लेकर संबंधित अस्पताल में पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल में कर्मचारी चिकित्सक को घायल की वीडियो दिखा रहा था। वहां से भी घायल को एक अन्य महिला चिकित्सक के यहां ले जाया गया। वहां पर स्टाफ ने महिला डॉक्टर के लेट आने की बात कहीं, लेकिन कुछ देर बाद ही फोन किया गया। इसके बाद महिला चिकित्सक भी आने को तैयार हो गई, जहां पर घायल का ऑपरेशन हुआ। इसमें 50 हजार रुपये खर्च आया। सवाल यह है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी से वीडियो बनाकर किसने भेजा। कहीं न कहीं यह कमीशन के खेल को दर्शाता है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
वर्जन
निजी अस्पताल में वीडियो भेजने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। अगर किसी स्टाफ द्वारा ऐसा किया गया है तो मामला गंभीर है। अभी शिकायत भी प्राप्त नहीं हुई है।
डॉ. रविप्रकाश, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक एसबीडी जिला अस्पताल