पहले भी लगे थे ट्रैफिक सिग्नल
महानगर के यातायात को ट्रैफिक सिग्नल से संचालित करने के प्रयास पहले भी हो चुके हैं। लेकिन सहारनपुर में यह व्यवस्था सफल नहीं हो सकी। कुछ मार्गों पर ट्रैफिक सिग्नल का संचालन व्यवहारिक नहीं था। जैसे घंटाघर चौक पर ट्रैफिक सिग्नल से यातायात संचालन मुश्किल बना हुआ है। नतीजा यह रहा कि करीब 12 साल पहले लगे ट्रैफिक सिग्नल या तो टूटकर गिर गए या फिर अभी भी खड़े हैं।
हस्तांतरित नहीं हुई व्यवस्था : प्रभारी
यातायात प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि ट्रैफिक सिग्नल आदि की व्यवस्था अभी यातायात विभाग को हस्तांतरित नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि अभी सभी जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं लग सके हैं। सीसीटीवी कैमरे लगाया जाना भी अभी बाकी है। ट्रैफिक सिग्नल से यातायात संचालन का दो बार ट्रायल हुआ है, लेकिन तब शहर में जाम के हालात बन गए थे।
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17 में से आठ चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा चुके हैं। इन चौराहों पर यातायात व्यवस्था सिग्नल्स से संचालित करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। शासन स्तर से परिवहन की वेबसाइट स्मार्ट सिटी को मिल जाएगी, जिसके बाद देश के किसी भी हिस्से के वाहन को ट्रेस किया जा सकेगा। शेष नौ चौराहों पर सीवर लाइन का कार्य चलने की वजह से सिग्नल नहीं लग सके हैं।
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अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर