देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने मेवात में दो मुस्लिम युवकों की नृशंस हत्या करने और उन्हें जलाए जाने की घटना की घोर निंदा करते हुए इसे अमानवीय और आतंकवाद जैसी घटना बताया। मौलाना मदनी ने मामले में केंद्र एवं हरियाणा सरकार से आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
शनिवार को जारी बयान में मौलाना महमूद मदनी राजस्थान के जिला भरतपुर के गांव घाटमीका निवासी जुनैद और नासिर की नृशंस हत्या को चिंता और दुख का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय का कोई व्यक्ति अगर दो शब्द बोल देता है, तो उसके विरुद्ध आतंकवाद के मामले दर्ज कर दिए जाते हैं। यहां दो लोगों को मारकर जला दिया गया, लेकिन आरोपियों पर मामूली धाराएं लगाई गई हैं। मौलाना मदनी ने कहा कि इस तरह के घृणित कृत्यों को भारत जैसे महान लोकतांत्रिक देश में सहन नहीं किया जा सकता है। मौलाना महमूद मदनी ने इससे पूर्व हरियाणा और राजस्थान में अकबर खां, जुनैद खां, रकबर खां, उमर और अफराजुल आदि की मॉब लिंचिंग का जिक्र करते हुए कहा कि सभी मामलों में पुलिस प्रशासन और राजस्थान व हरियाणा सरकार के रवैये से ऐसा लगता है कि गोरक्षकों और आतंकवादियों को न केवल समर्थन प्राप्त है।
सरकार के संरक्षण में खुलेआम हत्या कर रहे असामाजिक तत्व
देवबंद। मौलाना महमूद मदनी ने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्व सरकार के संरक्षण में खुलेआम लोगों की हत्या कर रहे हैं। इन पर गोलियां बरसाते हैं और फिर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर उसे वायरल करते हैं। इसके बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ फोटो खींचकर अपनी ताकत और पहुंच का प्रदर्शन करते हैं। इन सबका दुखद पहलू यह है कि हरियाणा सरकार और पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता। मौलाना मदनी ने भारत सरकार को पत्र भी लिखा है। जिसमें पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।